रैलियों में सुरक्षा लगाए-शिव भक्तों पर लाठी बरसाएँ-धन्य है रामनगर प्रशासन

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पहले टेंकते थे मत्था-आज बने मूकदर्शक, आखिर कब करोगे ऐसी राजनीति
परिधि समाचार राघवेन्द्र मिश्रा/अशोक सिंह Naradsamvad.in

बाराबंकी(10-अगस्त)रामनगर लोधेश्वर महादेवा के पावन दरबार में छोटे बडे जन प्रतिनिधि चुनाव लड़ने से पहले और जीत हासिल हो जाने के बाद मिन्नतो के पूर्ण हो जाने पर अपनी अपनी हाजिरी लगाने को लालायित भाव से बडी संख्या मे दौडे चले आते है।लेकिन आजकल स्वंय वह अपने प्रिय सावन माह मे पीड़ित रहकर अनुयाईयो को भी घोर संकट से निकाल पाने मे असमर्थ दिखाई दे रहे है।अब विषम परिस्थिती मे कोई रहनुमा भूत भावन भोलेनाथ और उनके अनुयाईयो की पीड़ा पर संज्ञान नही ले पा रहा है।ऐसी स्थिती मे लोगो की ओर से सवाल उठना लाजिमी है।यह बात और है कि उनकी सुनने वाला कोई नही है।घोर कलिकाल के दौर मे जनप्रति निधि भोलेनाथ के फरियादी बनकर आने का इंतजार कर रहे है।अबधरदानी भस्मासुर से बचाव के लिये स्वंय हरि की शरण मे है।खैर कोई बात नही यह समय है जो बदलता रहता है।सभी दल आगामी विधान सभा चुनावो की तैयारियो मे मशगूल है फिर सत्ताधारी तो और भी व्यस्त है उन्हे वहाँ जाना और सच क्या है यह सुनना न पडे इसलिये वह स्वंय घटना के बारे मे सफाई देते हुये लोगो के मध्य पाये जा रहे है।मालूम हो कि किसी भी जिले मे सासंद और विधायक दलीय भूमिका का आईना होते है।एक तरफ सपा-बसपा-भाजपा कांग्रेस रैलियाँ और बैठके आयोजित कर चुनाव की तैयारियो मे जुटे हुये है।जिन्हे वैश्विक महामारी के दौर का जरा सा भी खौफ नही है और प्रशासन भी उन्हे बौना नजर आता है।तो दूसरी तरफ ठीक इसके विपरीत लोधेश्वर महादेवा के प्रशिद्व शिवधाम मे रविवार सोमवार को कर्फ्यू जैसा माहौल दिखाई दे रहा था।शासन की ओर से शनिवार रविवार को कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर लाकडाऊन लगा हुआ है मगर यहाँ आप प्रशासन के तुगलकी फरमान से दुकान खोल देगे तो दण्ड के भागीदार बन जायेगे।लोगो मे आश्चर्य तो इस बात का है कि यहा संपन्न होने वाले महापर्वो के (मेले) अध्यक्ष स्वंय जिले के जिलाधिकारी और मेला सचिव रामनगर के उपजिलाधिकारी है।अब जब जिम्मेदार ही बिगाड़ पर तुले हो तब आम अवाम के मध्य किर किरी तो होनी तय है।भूत भावन भोलेनाथ के प्रशिद्व शिवधाम मे जन प्रति निधियो का पूजन अर्चन एंव जलाभिषेक के लिये तो ताता लगा रहता है लेकिन आज भूत भावन भोलेनाथ और उनके अनुयाईओ की पीडा सबकी गांधारी नजरो से ओझल है।जिसके चलते क्षेत्र के लोगो मे भारी आक्रोश व्याप्त है वही कानपुर, उरई, जालौन, झासी, सीतापुर आदि दूर दराज के प्रान्तो से यहां पहुचने वाले शिवभक्त शासन प्रशासन को कोसते हुये नही थक रहे थे।जागरुक जनो मे तो सवाल केवल इस बात का है कि लगातार यह जिम्मेदार अधिकारी योगी जी के सरकार की किर किरी क्यो कराने पर ही तुले हुये है।जिले के जनप्रतिनिधि कोपभवन से बाहर क्यो नही निकल पा रहे है।रहनुमाओ की कर्तव्यता लोगो मे चर्चा का केन्द्र बिन्दु बनी हुई है।क्षेत्र के सम्भ्रान्त जन प्रदेश सरकार के मुखिया से लोधेश्वर में हुई शिवभक्तों की मौत में  घटित हुये सारे घटनाक्रम की उच्च जांच और उचित कार्यवाही की माँग जगह जगह बया कर रहे है।आगे जो होगा वह देखा जायेगा।फ़िलहाल रामनगर प्रशासन द्वारा लगातार सरकार की गतिविधियों के विरोध ही कार्य किया जा रहा है ऐसा भी आम जन में चर्चा का एक विषय बना हुआ है।

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