आधे-अधूरे विकास कार्यों पर खर्च हुए पैसे की होगी जांच, ग्रामीणों ने जन सूचना के तहत मांगी रिपोर्ट

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आधे-अधूरे विकास कार्यों पर खर्च हुए पैसे की होगी जांच, ग्रामीणों ने जन सूचना के तहत मांगी रिपोर्ट

दिसम्बर 2020 से लेकर अप्रैल 2021 तक किया गया बड़ा गोटाला,ग्रामीण सूचना के तहत कराएंगे जांच

राघवेन्द्र मिश्रा Naradsamvad.in

रामनगर बाराबंकी गांव के चौमुखी विकास कार्यों का ग्राम स्वराज एवं प्रिया वेबसाइट पर आधा अधूरा लेखा-जोखा और भारी-भरकम धनराशि का व्यय देखकर ग्रामीण का धैर्य जवाब दे गया।उसने जन सूचना अधिकार कानून के तहत गांव में रिवोर और मरम्मत करवाये गये हैंडपंप और कोरोना वायरस से बचाव के नाम पर खर्च हुई धनराशि सहित कुल आठ बिंदुओं की जानकारी खंड विकास अधिकारी एवं जन सूचना अधिकारी के नाम से पत्र भेजकर जन सूचना अधिकार के तहत मांगी है।मालूम हो कि विकास खंड सूरतगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत जुरौन्डा के निवासी अशोक कुमार सिंह ने खंड विकास अधिकारी एवं जन सूचना अधिकारी सूरतगंज को जन सूचना अधिकार कानून के तहत पत्र भेजकर कुल आठ बिंदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराये जाने की मांग की है।उन्होंने भेजे गये पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायत जुरौन्डा में 26 दिसंबर 2020 से माह अप्रैल 2021 तक प्रशासक के द्वारा कुल कितना धन किन-किन कार्यों पर व्यय हुआ सामग्री की खरीद में प्राप्त हुई रसीदें की प्रमाणित छायाप्रति के साथ इंडिया मार्का हैंडपंप की मरम्मती करण रिबोर कराये जाने के साथ कौन कौन से प्रवासी मजदूरो को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।ग्राम पंचायत द्वारा कुल कितने प्रवासी मजदूरों के खाते में धन भेजा गया उनके नाम पता सहित भेजी गई धनराशि और मनरेगा योजना से कुल कितने लोगो को रोजगार किन किन कार्यो मे कुल कितने दिन उपलब्ध कराया गया।कोरोना काल मे कोरोना से बचाव के लिये सैनिटाईजर छिडकाव मास्क आदि पर कुल कितना धन व्यय हुआ सामग्रियो के खरीद के रशीद की प्रमाणित छाया प्रति के साथ मनरेगा योजना से कुल कितने लोगो के खेतो का समतली करण कराया गया है।उसमे कुल कितने जाब कार्ड धारको ने कुल कितने दिन कार्य किया सभी के नाम पता सहित बिन्दुवार जानकारी के साथ निबहा तालाब की खुदाई मे कितने जाब कार्ड धारको ने कार्य किया उनके नाम पता सहित विन्दुवार नियमानुसार जानकारी उपलब्ध करवाये जाने की माग की है।यहा पर अहम बात तो यह है कि जनसूचना अधिकार कानून के तहत जानकारी चाहे जाने के सवाल पर अशोक कुमार सिह का कहना था कि गांव मे शायद ही कोई हैण्डपम्प रिबोर अथवा मरम्मती करण से खुशहाल बनाया गया हो।बीमार हैण्डपम्पो को आज भी इलाज की दरकार है।कोरोना से बचाव के लिये सैनिठाईजर का छिडकाव मास्क वितरण आदि कोई विशेष कार्य तो ग्रामीणो को दिखाई नही पडे अब सच क्या है ऐसी चर्चाओ के मद्देनजर जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी गयी है।आगे आलाधिकारियो को शपथ पत्र देकर जाच करवाये जाने की माग करना तय है।अब देखने वाली बात यह होगी कि यह सूचनाये नियमो के मुताबिक उपलब्ध होगी कि नही।

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