बाराबंकी:घाघरा नदी से हो रही कटान को तिगुड़िया लगाकर रोका जा रहा, नही रुक रही कटान -तो ग्रमीणो ने कहा डूबकर देंगे अपनी जान

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रामनगर/बाराबंकी
उत्तरप्रदेश बाराबंकी जिले के रामनगर तहसील के तपेसिपा मजरे कोरिनपुरवा में सरयू (घाघरा) नदी ने कटान कर तबाही मचा दी है।
कोरिनपुरवा निवासी 75 वर्षीय दाता राम व सुनील कोरी का कहना है कि लगभग एक हफ्ता से सरयू नदी कटान कर रही है,जिसकी वजह से मेरा घर कटान से कटके नदी में समा गया है,उन्होंने कहा कि सरकार मुझे रहने के लिए जमीन दे नही तो सरयू नदी में अपनी जान देदेंगे।
सरयू नदी की कटान से चार घर डूब गए,जिनका नाम है, कोरिनपुरवा निवासी दाताराम,सुरेश,सुनील,सुशील जो बेघर हो गए,इन लोगो ने योगी सरकार से मांग की मुझे रामनगर में घर दिया जाए नही तो नदी में डूबकर जान दे सकते है।
अभी सरयू नदी में चार घर डूब चुके हैं लगभग 35 घर हैं कोरिन पुरवा में।
बाराबंकी बाढ़ खंड से आये हुए जेई, नीरज सक्सेना का कहना है कि क्रेन से तिगुड़िया लगाकर कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
वही पास गांव के समाजवादी नेता निवासी तहसील रामनगर रामगोपाल यादव का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ अपना रुद्र रूप दिखाती है लोगों के घर कट जाते हैं लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही।
जब बाढ़ नजदीक आती है तो सरकारी कर्मचारी,व क्षेत्रीय विधायक व आलाधिकारियों का आना जाना लगा रहता है, अगर यही कार्य दो महीने पहले किया जाता तो ऐसी स्थिति ना आती, यही हर वर्ष होता चला आ रहा है।
वहां के ग्रामीणों का कहना है,जब सांसद बाराबंकी उपेंद्र सिंह रावत बहरामघाट वोट मांगने आये तो उनसे ग्रामीणो ने कहा कि जीतने के बाद घाघरा एल्गिन ब्रिज से नामीपुर सिरौली से जो रोड़ बानी थी उसमें दो रैंप बनवाने का वादा किया था लेकिन नही बना। अगर रैंप सही समय से लग गया होता तो यह दशा न होती।
रिपोर्ट/ कृष्ण कुमार शुक्ल/बाराबंकी

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