अब उत्तरप्रदेश में भी जनसंख्या नियंत्रण कानून पर कार्य शुरू, 02 से अधिक बच्चे वालों की कई सुविधाओं में होगी कटौती-योगी आदित्यनाथ

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रिपोर्ट/संपादक-कृष्ण कुमार शुक्ल

 महंत योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री संवाद करते हुवे

 

असम सरकार के बयान के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी हम 2 हमारे 2 नीति पर कार्य करना शुरू कर दिया है. बच्चे 2 ही अच्छे… ऐसी सोच वालों के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं. जनसंख्या की दृष्टि से देश की सर्वाधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में अब 2 से अधिक बच्चे वाले अभिभावकों की मुश्किलें बढऩे वाली हैं. राज्य विधि आयोग ने प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून का मसौदा बनाना शुरू कर दिया है. आयोग, फिलहाल राजस्थान व मध्य प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों में लागू कानूनों के साथ सामाजिक परिस्थितियों व अन्य बि‍ंदुओं पर अध्ययन कर रहा है. जल्द वह अपना प्रतिवेदन तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगा.

प्रदेश में बीते 4 वर्षों में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम व उप्र लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली अधिनियम समेत कई नए कानून लागू किए गए हैं, जबकि कई अहम कानूनों में बदलाव की रूपरेखा भी तैयार की जा चुकी है. इसी कड़ी में विधि आयोग ने अब जनसंख्या नियंत्रण के बड़े मुद्दे पर अपना काम शुरू किया है. इसके तहत 2 से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी सुविधाओं के लाभ से वंचित किए जाने को लेकर विभिन्न बि‍ंदुओं पर अध्ययन होगा. खासकर सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं में कितनी कटौती की जाए, इस पर मंथन होगा. फिलहाल राशन व अन्य सब्सिडी में कटौती के विभिन्न पहलुओं पर विचार शुरू कर दिया गया है.

इस कानून के दायरे में अभिभावकों को किस समय सीमा के तहत लाया जाएगा और उनके लिए सरकारी सुविधाओं के अलावा सरकारी नौकरी में क्या व्यवस्था होगी, ऐसे कई बि‍ंदु भी बेहद अहम होंगे. आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएन मित्तल का कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर असम, राजस्थान व मध्य प्रदेश में लागू कानूनों का अध्ययन शुरू कर किया गया है. बेरोजगारी व भुखमरी समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर विभिन्न बि‍ंदुओं पर विचार के आधार पर प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा.

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