बाराबंकी:लखनऊ से पधारे पंडित सुधाकर मिश्र व्यास के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन बोले- भगवान भक्ति भाव के भूखे होते हैं

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रिपोर्ट/अंजनी अवस्थी/नारद संवाद

रामनगर/बाराबंकी गांव मंझौनी में लखनऊ से पधारे पंडित सुधाकर मिश्र व्यास के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ जिसमें श्री सुधाकर व्यास जी ने कहा की भगवान भक्ति भाव के भूखे होते हैं भगवान सभी की रक्षा करते है।

 

जिस प्रकार एक माता अपने बालक की रक्षा करती है पालन पोषण करती है उसी प्रकार भगवान संपूर्ण जगत का पालन पोषण करते हैं एक अन्य प्रसंग में श्री व्यास जी ने कहा कि ब्राह्मण सर्वश्रेष्ठ और पूजनीय है ब्राह्मण की मणि उसका तेज और चरित्र होता है तेज और चरित्र से हीन ब्राह्मण, ब्राह्मण नहीं कहा जाता भगवान ने भी उनका सम्मान किया है मेघनाथ द्वारा छोड़े गए ब्रह्मास्त्र को भी भगवान लक्ष्मण ने सम्मान किया कृष्ण ने कालयवन की एक लाख मलेक्ष सेना जो कि ब्राह्मण वेश में थी उसको देख कर भगवान भागे और सेना पर प्रहार नहीं किया और कालेवन ने जब भगवान कृष्ण का पीछा किया तब उसको भगवान ने मुचकुंद के द्वारा मृत्यु को प्राप्त कराया
इसी प्रकार द्वापर में द्रोपदी के पांचों पुत्रों को अश्वत्थामा ने मारा तो प्रतिशोध में अर्जुन ने अश्वत्थामा को मारने के लिए लाए तब द्रोपदी ने गुरु पुत्र वा ब्राम्हण समझ कर अश्वत्थामा को जाम से मारने नहीं दिया अपितु अश्वत्थामा के मस्तक की मणि को निकाल लिया अर्थात ब्राह्मण पुत्र अश्वत्थामा को तेजहीन कर दिया । ब्राह्मण को सदैव सत्य कर्म ,त्याग, और परोपकार की भावना रखनी चाहिए इस अवसर पर शिवबर्दनी, जय प्रकाश अवस्थी , मोनू अवस्थी, अंजनी अवस्थी, महेंद्र अवस्थी उर्फ राधे, अजय तिवारी, रामकुमार तिवारी, सोहेल तिवारी, राजेश शर्मा, सोम अवस्थी, सीताराम शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।

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