निकाय चुनाव में रामनगर से रामशरण पाठक ने भरी हुंकार- जनता पाठक को चाह रही इस बार,,निकाय चुनाव में रामनगर के बदलते रुझान

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर पंचायत रामनगर से निर्दलीय प्रत्याशी हैं रामशरण पाठक

दर्जनों भर प्रत्याशियों में रामशरण पाठक की दिख रही एक अलग दावेदारी

नारद संवाद समाचार– राघवेंद्र मिश्रा (संपादक-स्वतंत्र पत्रकार)

बाराबंकी(रामनगर)।।उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का बिगुल अब पूरी तरह बज चुका है यहां यह भी जानकारी मिल रही है कि 15 जनवरी तक सभी निकाय चुनाव को संपन्न कराया जाएगा, दरअसल बीते शुक्रवार को जारी हुई वार्डों की आरक्षण सूची के आधार पर अध्यक्ष/मेयर पदों के दावेदारों ने अपनी मौजूदगी को जनता के बीच दिखाना और तेज कर दिया है हम बात कर रहे हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय रामनगर नगर पंचायत की यहां से पूर्व में रह चुके चेयरमैन रामशरण पाठक ने निर्दलीय प्रत्याशी बनकर चुनावी अखाड़े में अपनी ताल ठोक दी है रामनगर की जनता पाठक पर भरोसा करती है इसलिए इस बार जनता चाह रही है सब मिलकर क्यों न? इस बार रामशरण पाठक को एक बार फिर मौका दिया जाए ।पाठक को चाहने वाली उनकी जनता लगातार उनके साथ खड़ी होती दिखाई दे रही है। लेकिन पाठक की भी राजनीति सिर्फ राजनीति की नहीं बल्कि व्यक्तिगत संबंधों से भी जानी जाती है
रामनगर की जनता रामशरण पाठक पर आंख बांधकर भरोसा करती है इसका एक ही मात्र बिकल्प है कि पाठक अपनी जनता का भरोसा नही तोड़ते हैं पाठक की राजनीति सिर्फ कहने को नहीं बल्कि दबे कुचले गरीबों के हक की आवाज उठाने के साथ-साथ न्याय के लिए अपनी जनता के साथ दिन रात एक कर साथ खड़े रहते हैं

पाठक कि उनकी जनता अगर रात में भी उनको फोन करती है फिर भी पाठक उसे न्याय का भरोसा देते हैं तथाकथित लोग इस खबर को बिकाऊ गोदी या दलाल मीडिया न समझे दरअसल यह एक नेता के अंदर की छुपी हुई सच्चाई है अपने पद को पूर्ण रूप से निर्वहन कर जनता का विकास चहूँ ओर की दिशा में कैसे फैलाना है शायद पाठक से बेहतर इसको अभी तक कोई नहीं समझ सका इसीलिए जनता का रुख इस बार पाठक की ओर मुड़ा हुआ है

मेयर और अध्यक्ष पदों के सीटों का आरक्षण अभी तय नहीं हुआ लेकिन यह जनता ने ठान लिया है कि उसे किस प्रत्याशी को चुनना है यह बात इसलिए लिख रहा हूं ताकि चापलूसी करने वाले लोग पढ़कर यह समझ सके यह असली नारद संवाद है प्रत्याशी स्वयं हो या किसी अन्य को चुनाव लड़ाया जाए लेकिन जनता की आंखों में बराबर पाठक के लिए अटूट भरोसा शायद इस बार रामनगर का रुख बदल देगा।यही एक सबसे बड़ा कारण है कि जनता इस बार रामनगर के अध्यक्ष को बदलना चाहती हैं।

एक छोटे से स्टिंग ऑपरेशन के दौरान यह पता चलता है कि जनता का कहना है पाठक बिना चेयरमैन के भी हमारे लिए चेयरमैन जैसे हैं और अब तो उन्होंने चुनाव लड़ने की बात कही है इसलिए हम उनका स्वागत के साथ समर्थन कर रहे हैं जो अभी आप ने पढ़ा वह एक ऐसे शख्स की जुबान थी शायद उसे विकास के साथ मदद की आवश्यकता की जरूरत पड़ी होगी।

युवाओं के दिल मे रहते हैं रामशरण पाठक,,जनता को रहता है न्याय का भरोसा

जनता के दिलों में राज करने वाले पूर्व चेयरमैन रामनगर रामशरण पाठक वर्तमान में एक प्रत्याशी के रूप में जनता के बीच जाकर ताबड़तोड़ जन वार्ता कर रहे हैं इसमें उनके युवाओं की टीम मुख्य भूमिका निभा रही है बच्चा हो या बुजुर्ग युवा हो या फिर हो महिलाएं पाठक अपनी जनता के प्रत्येक व्यक्ति के लिए दिन रात एक कर उसके साथ खड़े रहकर उसकी मदद करते हैं इसलिए जनता इस बार पाठक का नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के रूप में स्वागत करना है चाह रही हैं

रामशरण पाठक की राजनीति धर्म और जातिविशेष को नही मानती

पाठक की राजनीति कभी धर्म और जाति विशेष व किसी वर्ग को लेकर नहीं हुई पाठक ने हमेशा ईमानदारी की तरह हर व्यक्ति को उसका सम्मान बरकरार दिया है अपनी जनता के लिए अधिकारियों से लेकर कोर्ट और हाईकोर्ट तक कैसे लड़ना है यह बात पाठक से अच्छी और कोई नहीं समझ सकता अधिकारियों से लेकर थाना तहसील से लेकर जिले तक दिन से लेकर रात रात और दिन के पूरे 24 घंटे पाठक अपनी जनता के बीच में ही रहते हैं शादी हो या बरात जहां से निमंत्रण पहुंचे। पाठक वहां अपनों के साथ खड़े होते हैं।

 

क्या कहा है पाठक ने…आप भी पढ़िए
चुनाबी माहौल को देखते हुए जब पाठक से बात की गई तो उनका कहना है कि…..पंडित दीनदयाल नगर पंचायत रामनगर से अध्यक्ष के पद के लिए दावेदारी की है जनता का सहयोग और आशीर्वाद चाहिए किसी को कहने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। जनता के मंशानुरूप और सरकारी मानकों के चलते नगर पंचायत में विकास होगा। रामशरण पाठक
प्रत्याशी चेयरमैन
नगर पंचायत रामनगर

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