दो गुटों की आपसी मनमुटाव से गणेशपुर की ऐतिहासिक रामलीला चढ़ रही राजनीति की भेंट

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गणेशपुर की रामलीला एक ऐतिहासिक रामलीला है जो 150 वर्षों से होती आ रही है 

 

नारद संवाद समाचार कृष्ण कुमार शुक्ला
गणेशपुर बाराबंकी: तहसील रामनगर अंतर्गत स्थित गणेशपुर कस्बा के समाज शिक्षा केंद्र की छत के नीचे गणेशपुर की ऐतिहासिक राम लीला विगत डेढ़ सौ वर्षों से ज्यादा समय से होती आ रही है।गणेशपुर बहराम घाट के स्थानीय कलाकारों के द्वारा रामलीला रंगमंच पर रंगारंग पाठ कर रामलीला क्षेत्रवासियों के सहयोग से प्रत्येक वर्ष की जाती है।उलीखनीय है की गणेशपुर की ऐतिहासिक रामलीला रजिस्टर्ड रामलीला है।रामलीला के नाम से बैंक ऑफ इंडिया बहरामघाट में अकाउंट भी है जिसमे कई लाख रुपए जमा भी है।गणेशपुर कस्बा की रामलीला पूरे बहराम घाट क्षेत्र वासियों के सहयोग के द्वारा चंदा इकट्ठा करके की जाती है लोग बढ़-चढ़कर सहयोग भी करते हैं। सूत्रों द्वारा पता चला है विगत दो-तीन वर्षों से गणेशपुर के दो पूर्व प्रधानों के बीच राजनीतिक आपसी मतभेद के कारण अबकी बार की रामलीला बाधित हो रही है।आपसी रंजिश के कारण अबकी बार की रामलीला इस वर्ष बाधित होने की प्रबल संभावना है। आश्चर्य की बात तो यह है की रजिस्टर्ड रामलीला संस्थान के नाम से कई लाख रुपए होने के बावजूद भी रामलीला नहीं हो पा रही है,पैसे की कोई कमी न होने के कारण आखिर कार रामलीला राजनीति की भेंट क्यों चढ़ती दिख रही है।

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