सर्पदंश से होनहार बालक मानस तिवारी की दर्दनाक मौत

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मृतक मानस तिवारी की फाइल फोटो

रिपोर्ट:एडिटर कृष्ण कुमार शुक्लमंगलवार को तहसील रामनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा लोहटी जई निवासी सुखदेव तिवारी पुत्र अरून तिवारी के सुपुत्र मानस तिवारी उम्र करीब 14 वर्ष जिसको जहरीले सांप ने शाम के चार बजे के आस पास घर के अंदर बने बाथरूम की गारा की दीवाल में एक दराज थी उस दराज में पालीथीन में एक समान रखा था उसी को बालक उठाने लगा तो जहरीली नागिन उसी में छुपी बैठी थी और बच्चे के हाथ में काट लिया और फिर उसी दीवाल में बनी बिल के अंदर प्रवेश कर गई, बच्चे के हाथ में सर्प के काटने के निशान बने हुए थे। खून भी हाथ से बह रहा था। बालक ने तुरंत ही अपने पिता अरुण तिवारी को बताया तो परिजनों ने आनन-फानन बच्चे को लेकर झाड़-फूंक कराने ले गए लेकिन कोई असर नहीं हुआ तो बालक को तुरंत ही परिजनों ने शाम को करीब सात बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर ले गए तो वहां के डॉक्टरों ने जांच पड़ताल की लेकिन बालक को नहीं बचा सके।वही परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ अधीक्षक हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि हमारे पास इलाज था लेकिन परिजनों ने बहुत देर कर दी जहरीला विष पूरे शरीर में फैल चुका था।अगर झाड़-फूंक के चक्कर में ना पढ़ते परिजन और तुरंत ही मेरे सीएससी केंद्र आते तो इस बालक की जान बच सकती थी, हमने प्रयास किया परंतु काफी देर कर दी परिजनों ने इसलिए हम बच्चे को नहीं बचा सके।बालक के परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं जहां छात्र शिक्षा ग्रहण करता था गायत्री बाल शिक्षा निकेतन विद्यालय की प्राचार्या बीना शुक्ला ने समस्त स्टाफ व बच्चो के साथ 2 मिनट का मौन धारण कर मृतक की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से की प्रार्थनाबुधवार को गणेशपुर स्थित भारतीय संस्कृति पर आधारित विद्यालय गायत्री बाल शिक्षा निकेतन में सभी अध्यापकों की उपस्थिति में विद्यालय की संरक्षक, प्राचार्या श्रीमती बीना शुक्ला की अध्यक्षता में हेड मास्टर सुनील कुमार पांडे ने सभी विद्यालय के छात्र छात्राओं को लाइन में खड़े कराकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण करा कर छात्र मानस तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वही हेड मास्टर सुनील कुमार पांडे ने बताया छात्र मानस तिवारी पुत्र अरुण तिवारी कक्षा 7 का होनहार छात्र था जो पढ़ने लिखने में बहुत ही तेजतर्रार था, जिसकी आत्मा की शांति हेतु हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।वहीं जिस दीवाल में जहरीली नागिन छुपी थी परिजनों ने दीवाल को हथौड़े से तोड़कर जहरीली नागिन को निकाल कर उसको डंडे से मारकर जला दिया है।

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