बाराबंकी:अधिकारियो मे मचा घमासान शासन ने ले लिया संज्ञान

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 रामनगर/बाराबंकी 

मीडिया की सुर्खियो मे गर्म हुआ यह मुद्दा डी एम और सी डी ओ हुये तलब

रिपोर्ट:एडिटर कृष्ण कुमार शुक्ल/अशोक सिंह 

काश जिले में सूबे के मुखिया योगी आदित्य नाथ की मंशा के अनुरूप शोषितो पीड़ितों को न्याय उपलब्ध कराये जाने के साथ चौमुखी विकास कार्यों में चल रही टूट पर विराम लग जाता तो निश्चित समय गुजार देने के बावजूद भी जिला अधिकारी डॉ आदर्श सिंह के यहां जमे रहने और खंड विकास अधिकारी अमित त्रिपाठी रामनगर के त्यागपत्र देने की जगह जगह चर्चा न होती है। खैर कोई बात नहीं जनहित की महत्वपूर्ण योजनाये लूट खसोट और ग्रहण की चपेट में रहकर आज आ बैल मुझे मार की कहानी चरितार्थ करने की ओर बढ़ चली है।वह दिन दूर नहीं देखे और माने जा रहे हैं जब प्रदेश की राजधानी में पडोस के जनपद की चल रही लीला का मंचन एवं प्रदर्शन होगा।मालूम हो कि विकासखंड रामनगर के खंड विकास अधिकारी अमित त्रिपाठी ने आला अधिकारियों के ऊपर मानसिक शोषण उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाते हुये अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।जो मीडिया जगत से लेकर सोशल मीडिया पर हडकम्प मचाये हुये हैं।खंड विकास अधिकारी ने पत्र में कहा है कि आलाधिकारी मुझे अधिक परेशान कर रहे हैं।जिसकी पराकाष्ठा से मैं टूट चुका हूं।जुलाई माह में वीडियो अमित त्रिपाठी का रामनगर ब्लॉक से स्थानान्तरण हो गया था।यह बात जब रामनगर क्षेत्र के ग्राम प्रधानों को मालूम हुई तो करीब पाच दर्जन ग्राम प्रधान लामबंद होकर सांसद उपेंद्र सिंह रावत के यहां पहुंच गये चर्चा तो यहां तक है कि उनके द्वारा सिफारिश करने पर आपसे ही जिला चलाये जाने की बात कही गई।आगे खंड विकास अधिकारी आठ जुलाई को रामनगर पुनः भेज दिये गये।इस दौरान वह बीमार हो गये उन्होंने छुट्टी ली थी मगर यह क्या उन्हें छुट्टी भी भारी पड़ गई और अधिकारियों को दबाव में छुट्टी के दिन ब्लॉक मुख्यालय आकर प्रशासनिक दायित्वो मे शामिल हुये।जिस पर क्षेत्र के जन प्रति निधि सवाल उठा रहे थे।उनका कहना था कि जिले मे अन्य ब्लाक भी है वहा आलाधिकारी जाच क्यो नही करने जाते लोगो की शिकायतो पर कोई गौर नही किया जाता।वायरल पत्रों में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने आयुक्त ग्राम विकास से उक्त मामले की जांच कराने के लिए कहा है अब मामला कुछ भी हो लेकिन योगी जी के सरकार की प्रशासन धोईय्या पढ रहा है।जिसकी चारों तरफ जमकर किरकिरी हो रही है।अब शासन इस पर किस तरह से संज्ञान लेता है यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।जनपद ही नही इस प्रकरण की गूज प्रदेश से आगे भी पहुच चुकी है।जो चर्चा का विषय है।इस समबंध में हमारे संवाददाता ने जिलाधिकारी डॉ आदर्श से जानकारी लेने का दूरभाष पर प्रयास किया तो उधर से उनके ओ एस डी ने बताया कि जिलाधिकारी जी समीक्षा बैठक में व्यस्त हैं दूसरी तरफ खंड विकास अधिकारी के फोन की घंटी बजती रही उन्होंने फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।

मीडिया की सुर्खियो मे गर्म हुआ यह मुद्दा तीस जुलाई को जिलाधिकारी आदर्श सिंह व सी डी ओ एकता सिंह ने किया था औचक निरीक्षण

आलाधिकारियो ने दी सफाई:रामनगर बाराबंकी मीडिया और सोशल मीडिया पर जिले के आलाधिकारी की ओर से खंड विकास अधिकारी रामनगर के शोषण उत्पीडन को लेकर चल रहे चर्चित प्रकरण पर जिलाधिकारी डा. आदर्श सिह की प्रतिक्रिया सामने आई है।दो अगस्त को तथाकथित रूप से जारी हुये त्याग पत्र एवं दिंनाक तीन अगस्त को उस त्याग पत्र को वापस लेने की खबर प्रकाशित हो रही है।यह पत्र मूल रूप से अब तक उन्हे प्राप्त नहीं हुए हैं।श्री त्रिपाठी द्वारा व्हाट्सप्प के माध्यम से प्रेषित किये गए हैं।पत्र में लगाए गये आरोप बेबुनियाद एवं निराधार हैं।तीस जुलाई को जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के साथ विकास खंड रामनगर कार्यालय एवं स्थलीय कार्यों का निरीक्षण किया गया।जिसमे कतिपय खामियां वित्तीय अनियमित्तायें पायी गयी।जिसके सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही करते हुए शासन को भी आख्या प्रेषित की गयी है।शासन के निर्देशों के क्रम में समय समय पर सरकारी कार्यालयों एवं स्थलीय कार्यों का निरीक्षण तथा भौतिक सत्यापन करना उच्च अधिकारियों का दायित्व है।इसी कड़ी में पिछले कुछ महीनों में जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा तहसीलों विकास खंड कार्यालयों तथा अन्य कार्यालयों का निरिक्षण किया गया है. उसी कड़ी में दिनांक तीस जुलाई को विकास खंड रामनगर का भी निरीक्षण किया गया था।जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की ओर से यह जानकारी दी गयी है।

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