नालियों की सफाई नहीं होने से गांव के मुख्य मार्गो पर बह रहा गंदा पानी ग्रामीण परेशान

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रामनगर/बाराबंकी

रिपोर्ट/अशोक कुमार सिंह/ विवेक शुक्ला

विवादो को  बढ़ावा दे रहे है गांव के अधिकारी और कर रहे है सरकारी धन का बंदरबांट

विकासखंड सूरतगंज के अन्तर्गत ग्राम पंचायत जुरौन्डा मे पंचायत विभाग की महाभ्रष्ट कार्यशैली के चलते बहुत बुरे हालात है।गांव वालो की ओर से दूरभाष पर और लिखित शिकायतो का संज्ञान न लेकर विकास खंड के जिम्मेदार अधिकारी विवाद को हवा देकर पूरी तरह फौजदारी कराने पर उतारा है।गांव के जागरुक जनो ने सूबे के मुखिया आदित्यनाथ योगी से गांव मे चल रहे महाभ्रष्टाचार की जांच करवाकर दोषी जिम्मेदार अधिकारियो के विरुद्व कडी़ कार्यवाही करवाये जाने की मांग की है।ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत जुरौन्डा मे करीब दस साल पूर्व जिलापंचाय से मिली एक अन्डर ग्राउन्ड नाली के निर्माण का कार्य ग्राम पंचायत के द्वारा कराया गया था।दो तीन माह से उक्त नाली की एक चैम्बर खुला पडा़ रहने के कारण झिल्ली और मिट्टी के चलते उससे आगे पानी का जाना बंद हो गया।वह पानी बीच गांव मे चौराहे पर ओवर होने लगा जिसे लेकर पीड़ित संदीप सिंह आदि ने दूरभाष पर बी डी ओ ए डी ओ पंचायत और जिला पंचायत राज अधिकारी से शिकायत की।लेकिन मामला ढाक के तीन पात का ही ठहरा।इसके अलावा दूसरी तरफ पी डब्लू डी की ओर से बनवाई गयी नाली मे पानी भरा हुआ था जिसे ग्राम प्रधान के चाचा ने छीनी हथौरी से अपने मकान के बगल नाली का पानी काट दिया।जो गंदा पानी दूसरे के दरवाजे चढ़ने लगा उसे रास्ते मे मिट्टी डालकर दूसरे पक्ष ने रोकने का प्रयास किया।पीड़ित पक्ष ने ग्राम प्रधान के ससुर बीरेन्द्र सिंह से नाली फोड़ने की शिकायत की उन्होने शिकायत को लेने से इंकार कर दिया।लेकिन सीमेन्ट युक्त मसाला लेकर वह फोड़ी गयी नाली को बंद करने अवश्य पहुँच गये।जबकि नाली सही करवाये जाने से वह ग्रामीणो के सामने साफ इंकार कर रहे थे।यहाँ पर बात इतनी ही नही है समूचे गांव मे जो नाली बनी है उसे जगह जगह पटवा दिया गया है।जिससे एक गलत परम्परा की शुरुवात हो चुकी है।अब लोगो मे सवाल तो इस बात का है कि क्या आलाधिकारी सरकारी धन का जनहित मे सदुपयोग न करवाकर केवल बंदर बाट करेगे और गांव वालो के मध्य फौजदारी करवायेगे।अब आगे जो होगा वह देखा जायेगा।लेकिन ग्रामीणो ने मुख्यमंत्री योगी जी से गाव मे चलवाये जा रहे महाभ्रष्टाचार पर नकेल कसवाये जाने की मांग जरुर की है।जिससे गांव मे आपसी सौहार्द बना रहे। केन्द्र एंव प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना काल मे आई एक बडी धनराशि से लेकर तमाम सरकारी धन फर्जी तरीके से ग्राम पंचायत का बंदर बाट कर लिया गया।ग्रामीण शपथ पत्र से लेकर आये अन्य तमाम सरकारी मदो के धन के दुरुपयोग करने का आरोप लगाते रहे।लेकिन किसी भी शिकायत की जाच तक न हो सकी।जिम्मेदार अधिकारी प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के यहा भेजी गई शिकायतो पर भी झूठी रिपोर्ट लगाते रहे।अभी हाल मे ही ग्रामीणो तीसरी बार प्रधानमंत्री जिलाधिकारी के साथ जिलापंचायत राज अधिकारी को शपथ पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन तानाशाह जमीनी अधिकारियो के आगे ग्रामीणो के घाव नासूर बन रहे है और उनकी झूठी जाच आख्याये चढावे के बल पर गांव वालो के मध्य बडा विवाद बनाने की ओर अग्रसर हो चुकी है दूसरी तरफ महाभ्रष्ट अधिकारी सरकारी धन का केवल बंदरबाट करवा रहे है।

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