अवैध अस्पतालों में मरीजों की भरमार जनता को रोज लूट रहे डॉक्टर साहब धता बताकर पढ़ा रहे ईरान से तूरान

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डिलीवरी के नाम पर बनते हैं हैवान बेड चार्ज के नाम पर लेते हैं हजारों फिर भी समय से नही करते समाधान

रिपोर्ट: राघवेन्द्र मिश्रा बाराबंकी।शासन की गाइडलाइन को नजर अंदाज कर जिले में प्राइवेट क्लीनिक और अस्पताल की संख्या में आये दिन बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है यहां आए दिन किसी न किसी कस्वे का कोई न कोई प्राइवेट अस्पताल का मामला सामने आ ही जाता है दरअसल जिले में सैकड़ों ऐसे क्लीनिक है जहां पर झोला छाप डॉक्टर एक बेहतरीन डॉक्टर बन के जनता का इलाज करते हुए नजर आ रहे हैं जो कि जनता की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं साथ ही प्रशासन की भी आंखों में धूल झोंक रहे हैं लेकिन इनके पीछे किसी न किसी बड़े बहरूपिया का हांथ होना भी माना जा रहा है हैदर गढ़ तहसील में कई ऐसे अवैध क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं जहां डिलीवरी के नाम पर गरीब की जेब खाली कर देते हैं लगभग 5 दिन एडमिट करने और ऑपरेशन के नाम पर 70000से ₹80000 का बिल बना कर आम आदमी को लूटने का कार्य कर रहे हैं कुछ ऐसे अस्पताल जहां पर सरकारी डॉक्टरों की भी मिलीभगत से मरीजों को भेजा जाता है तो वहीं महोदय भी वहां से अपनी कमीशन समय से ले लेते हैं और यह कमीशन, यह खेल कोई हल यहीं नही होता बल्कि ये भी कहा जाता है कि नहीं( जब मियां बीबी राजी तब का करेंगे काजी) ऐसी कहावत भी यहां पर चरितार्थ होती है दिखाई पड़ रही है क्योंकि जब सरकारी विभाग के कुछ तथाकथित भ्रष्टाचारी की इन अवैध क्लीनिकों और अस्पतालो को बढ़ावा देंगे तो फिर क्यों नहीं ऐसे झोलाछाप डॉक्टर भी क्लीनिक में बैठकर जनता को लूटने का काम आसानी से कर सकेंगे। कई बार इन प्राइवेट क्लीनिक और अस्पतालों की शिकायतों के बावजूद भी इन पर कोई भी कार्यवाही देखने को नहीं मिली है आखिर इनके स्वामियों पर ऐसा किस बड़े संरक्षण का हाथ है जिससे इनकी शिकायत पर कोई असर देखने को मिलता नहीं है फिलहाल जनता भी जान चुकी है भ्रष्टाचार मुक्त करने वाली सरकार भाजपा में कितना भ्रष्टाचार अभी भी व्याप्त है। अभी हाल में ही एक ताजा मामला सीएचसी हैडरगढ़ का आया था जिसमें भी डिलीवरी के नाम पाँच हजार रुपये लिए गए थे इस बात की शिकायत सीएमओ राम जी वर्मा से की गई थी लेकिन उस पर कोई ठोस कार्यवाही नही की गई जिसके चलते विभागीय भ्रस्टाचारी कर्मचारियों पर उनकी शिकायत का कोई असर देखने को नही मिला।अगर यही चलता रहा तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के मंसूबों पर पानी फिरता देखा जाएगा,फिलहाल सरकारी सिस्टम में इतना भ्रस्टाचार है कि जनता द्वारा आये दिन शिकायतों का अंबार लगा रहता है।

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