लोधेश्वर धाम में बने रेन बसेरे मे गंदगी का अंबार पेयजल व्यवस्था लाचार शौचालय बना सो पीस

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रामनगर/बाराबंकी

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीर्थ स्थलों के विकास के लिये पूरी तरह से कृत संकल्प दिखाई दे रहे है।लेकिन तीर्थ स्थलों के चहुमुखी विकास कार्यो के प्रति समर्पित शासन की मंशा पर जिम्मेदार अधिकारी पानी फेर रहे हैं जी हां यह सब ऐसा तब से ऐसा निरन्तर दिखाई पड रहा है जब यहा से सांसद प्रियंका सिह और उन्होने शिव भक्तो की परेशानियो के मद्देजर रैन शेल्टर और सुलभ शौचालय तथा शुद्व पेय जल उपलब्ध होने के उद्वेश्य से भारी भरकम धनराशि को जारी करवाकर कार्यदायी संस्था पर्यटन विभाग के हवाले करवा दिया।मालूम हो कि लोधेश्वर महादेवा के प्रशिद्व शिवधाम मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रथम कार्यकाल मे करीब एक करोड रुपयो की लागत से लोधेश्वर महादेवा के प्रशिद्व शिव मंदिर के ठीक सामने शीतल आरो का पेयजल शौचालय विश्राम के लिये टीन शेड आदि कार्यो के लिये एक बडी धनराशि ततकालीन सांसद के परिश्रम से मंजूर हुई थी।स्वदेश दर्शन योजना के आध्यात्मिक परिपथ 1 के अंतर्गत लोधेश्वर महादेवा मंदिर परिसर में शौचालय रेन शेल्टर निर्माण व सोलर लाइट आदि के कार्य में लाखों रुपया सरकार ने भेजा किंतु भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे हुए पर्यटन विभाग एवं जिले के भ्रष्ट अधिकारियों से ठेकेदार नेत्रसाठगांठ करके सरकारी धन का जमकर बंदरबांट कर लिया।हालात यह है कि शीतल पेयजल की शुरुवात ही नही हो सकी।शेल्टर होम में स्थापित शुद्ध पेयजल के लिए आर प्लांट केवल शो पीस बना हुआ है। शेल्टर होम में बने स्नानागार और शौचालय में दरवाजे टूटे हैं पानी सप्लाई ध्वस्त है।शौचालय के सामने लगा हैंडपंप अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है और तो और यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा शेल्टर होम मंदिर परिसर में बना हुआ है नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि इस शेल्टर होम में पंखे लाइट इत्यादि कार्य भी होने थे लेकिन कुछ भी नहीं लगा और आधा अधूरा निर्माण कार्य करके सरकारी धन का बंदरबांट किया गया।जिसकी बात करना भी जिम्मेदार अधिकारी स्वीकार नही करते।कोई भी यह बता पाने में अक्षम है कि यह आधा अधूरा निर्मित शेल्टर होम आखिर ठेकेदार से संबंधित विभाग अथवा ग्राम पंचायत हैंडओवर किसने लिया।इस संबंध में कुछ स्थानीय लोगो के साथ पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अमित अवस्थी कहते है कि तत्कालीन भाजपा विधायक शरद कुमार अवस्थी से कुछ जागरूक जनों ने इस भ्रष्टाचार के कहानी की शिकायत की थी।तत्कालीन विधायक शरद कुमार अवस्थी ने इस मामले की जांच कराने की बात कही थी लोगों की माने तो भाजपा विधायक शरद अवस्थी ने इसकी जांच कराए जाने की मांग भी शासन से की थी लेकिन जांच हुई कि नहीं यह तो शासन और विभाग जाने किंतु महादेवा मंदिर परिसर में शेल्टर होम बनने के लिए आया हुआ करीब एक करोड रुपये पानी की तरह बह गये और विकास धरातल पर न होकर के अधिकारियों ठेकेदारों और दलालों की जेब जाकर बैठ गया।अब क्षेत्रीय जनों को अभी भी आस है कि योगी सरकार देर सवेर संज्ञान अवश्य लेगी और भूत भावन भोलेनाथ के साथ छल करने वाले जिम्मेदार बच नही पायेगे।

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