रामनगर: ददौरा के पूर्व प्रधान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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रिपोर्ट:कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल रामनगर(बाराबंकी)बुधवार को थाना रामनगर अंतर्गत ग्राम ददौरा में पूर्व प्रधान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह पूर्व प्रधान का शव संदिग्ध हालाल में घर के आंगन में पड़ा मिला। उनके माथे व चेहरे पर चोट के निशान थे। साथ ही शव के पास काफी खून पड़ा था। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे दामाद ने हत्या की आशंका व्यक्त की है।
जगजीवन के तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी उर्मिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है। जबकि दो अन्य बेटियां निर्मला व सकुंतला की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी सकुंतला गांव के बाहर अपने पति राममिलन और बच्चों के साथ छप्परनुमा घर में रहती है। पूर्व प्रधान की पत्नी का करीब आठ माह पहले देहांत गया था। इसके बाद से वह अपने घर में अकेले रहते थे। दामाद राममिलन ने बताया कि वह रोज की तरह मंगलवार शाम घर का गेट अंदर से बंद कर लिया था। बुधवार सुबह 8:30 बजे तक गेट न खुलने पर पड़ोस में रहने वाले राम मनोहर ने आवाज लगाई। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। राम मनोहर ने इसकी जानकारी गांव के बाहर रह रहे दामाद राममिलन को दी। राममिलन बाउंड्री फांद कर घर में दाखिल हुए। घर के आंगन में ससुर का शव पड़ा देखा,इससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी पर सीओ दिनेश दुबे व एसओ संतोष सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू कर दी। म्रतक के दोनों दामादों ने हत्या की आशंका व्यक्त की है।ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी मुताबिक मृतक की जायदाद को लेकर दो दामादो के बीच में राज फाश हो रही थी।मालूम हो की मृतक के तीन पुत्रिया थी जिसकी पहली बडी लडकी विकलांग है और दूसरी लडकी माती के पास सरसौदी गांव मे जगदीश को व्याही थी।चार पांच माह पूर्व चल अचल संपत्ति की वशीयत मृतक जगजीवन प्रसाद चौहान पुत्र रामप्रसाद चौहान उम्र करीब 77 वर्ष ने अपने मझले दामाद जगदीश को वशीयत कर दी थी।इसके पहले भी उनके द्वारा जमीन वशीयत की गयी थी।बताया जाता है कि चार माह पूर्व दूसरी वशीयत के बाद दोनो दामादो के बीच वाद विवाद संपत्ति को लेकर चल रहा था।आज भी जमीन वसीयत करने वाले थे लेकिन उनकी संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई। आपको अवगत करा दे कि जगजीवन प्रसाद चौहान पुत्र राम प्रसाद चौहान 1970 में ग्राम सभा ददौरा के प्रधान के पद पर कार्य कर चुके हैं।और तो और विधायकी का चुनाव भी वर्ष २००२ में लड़ चुके हैं और वह साहिब बंदगी के अनुयाई थे उन्होंने करीब 5 बीघा जमीन दान भी किया है कबीर पंथ में जो लालू पुर के बीच में है।उन्होंने एक आश्रम भी बनवाया है जो 5 बीघे में है।रामनगर थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया की मौत का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा कि कैसे वृद्ध की मौत हुई है।

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