प्रस्तावित पंचायत भवन के निर्माण की जगह का नहीं हो पाया निस्तारण

0
184

रामनगर/बाराबंकी

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

उपजिलाधिकारी तान्या ने वर्षो से ग्राम पंचायत बिठौरा मे पंचायत भवन बनाने की जगह को लेकर चल रहे विवाद को निपटाने का भरसक प्रयास किया।लेकिन राजस्व निरीक्षक हल्का लेखपाल और ग्राम पंचायत अधिकारी की दिशा और दशा न सही होने के कारण उन्हे भी वापस लौट आना पडा़।
ज्ञात हो कि विकास खंड रामनगर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बिठौरा मे पंचायत भवन बनाने के स्थान को लेकर ग्राम पंचायत चुनाव से बदले की भावना से काम कर रही है।ग्रामीणो की जानकारी के मुताबिक एक ही नम्बर पर तमाम लोग काबिज है। लेकिन एक ही व्यक्ति के घर के सामने सहन की जमीन जो ग्राम समाज होने की बात कही जा रही है । जिस पर पंचायत भवन प्रस्तावित है । लोगों का कहना है कि एक निश्चित स्थान से पैमाइश करा कर किसी एक तरफ पंचायत भवन का निर्माण कराया जाए बीचो-बीच कराने से धर्मेन्द सिंह का मकान पड़ रहा है। जिसके बदले दूसरी तरफ उन्होने जमीन भी समझौते के तहत दे दी थी।जो भूमि गंगोत्री आदि के नाम है।उन्होने राजस्व निरीक्षक को सहमति पत्र हस्ताक्षर करके दे भी दिया था।सूत्रों के मुताबिक उसके बाद केवल एक पक्ष के मकान की दिशा दशा बिगाड़ने पर तुले लोग सक्रिय हो गये। जिसके बाद गंगोत्री के पक्ष से बताये जा रहे राघुवेन्द्र सिंह उक्त भूमि को नही देने का प्रार्थना पत्र लेकर उपजिलाधिकारी के पास पहुँच गये ।जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम और पंचायत विभाग के अधिकारी कर्मचारियो ने सरकारी भूमि को खाली कराये जाने की कार्यवाही शुरु कर दी।धीरे धीरे धर्मेंद्र सिंह और अधिकारियो कर्मचारियो के मध्य तीखी नोक झोक शुरु हो गयी।धर्मेन्द्र और उनके परिजनो का कहना था कि हमारा सभी हिस्सेदारो को मिलाकर तीन बीघे का नम्बर है जिसे नाप दे यदि इसके बाद जो भवन हमारा सरकारी भूमि मे पड़ती हो। उसे गिराकर ले लिया जाय, गौरतलब यह भी है कि धर्मेन्द्र ने अपनी जमीन मे खंडन्जा भी लगा रक्खा है।वहा पर नक्शे मे रास्ता नही है।उनके परिजनो का यह भी कहना था कि बीचो बीच हमारे मकान के कुछ हिस्से के टूटने से ही पंचायत भवन के निर्माण की शुरुवात होनी है तो हम लोगो को कोई एतराज नही है लेकिन प्रशासन उक्त नम्बर की समूची भूमि को खाली करवा ले।सक्षम अधिकारियो ने दो तीन घण्टे धूप मे विताने के बाद विवाद बढ़ता देख निपटारा अगले दिन करने की बात कही।जागरुक जनो मे सवाल तो इस बात का था कि जमीनी मामलो मे निष्पक्षता की जब तक झलक दिखाई नही पड़ेगी तब तक छोटे विवादो को बढ़ावा ही मिलेगा। आगे जो होगा वह देखा जायेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here