रामनगर:गणेशपुर कस्बे सहित बहराम घाट के पूरे क्षेत्र में बंदरों का आतंक

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रास्ट्रीय अध्यक्ष हाकिम सिंह भारतीय किसान यूनियन भदौरिया संगठन ने कई बार बंदरो को पकड़वाने के लिए रामनगर तहसील प्रशासन को दिया  है प्रार्थना पत्र 

रिपोर्ट:-कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

रामनगर (बाराबंकी) उत्तर प्रदेश की जनपद बाराबंकी अंतर्गत तहसील रामनगर के कस्बा गणेशपुर, रैली बाजार,लोहटीजई ,मीतपुर,बडनपुर समेत पूरे बहराम घाट क्षेत्र में हजारों बंदरों का आतंक फैला हुआ है।बंदर रोड पर आने जाने वाले लोगों को पीछे से दौड़ा के काट लेते हैं।आए दिन किसी न किसी छोटे बच्चे व बुजुर्ग को बंदर दौड़ा कर बुरी तरह से काट लेते हैं।बंदरों से सबसे ज्यादा घर गृहस्ती चलाने वाली महिलाएं परेशान है।बंदरों का आतंक इतना ज्यादा बढ़ गया है कि छत पर अरगनी रस्सी पर महिलाएं कपड़े डालने से भी डरती है कि कहीं बंदर कपड़े खींच कर ना ले जाए बंदर सबसे ज्यादा कपड़ों पर नजर रखता है और उसको अपने दांतों से फाड़ डालता है इससे महिलाएं व आम आदमी बहुत परेशान है। इस समय गर्मियों के महीना चल रहे हैं बंदर पानी की टंकी के ऊपर चढ़कर पानी की टंकी का ढक्कन तोड़ डालते हैं। और पूरी टंकी का पानी गंदा कर दे रहे हैं।और अगर डिश एंटीना छतरी लगा है तो उसको भी तोड डालते हैं। इतना ज्यादा आतंक बंदरों का फैला हुआ है फिर भी शासन प्रशासन बेखबर है आंखें मूंद कर बैठा हुआ है। दूसरी तरफ किसान भी बंदरों से परेशान है एक तरफ फसल की बुवाई होती है दूसरी तरफ बंदर खोद खोद कर बीज निकाल कर खा जाते हैं।और अगर बीज तना बनकर बडा हुआ तो उसको तोड़ कर भी बंदर खा जाते हैं। बंदरों के आतंक से कई बीघे खेत ऐसे पड़े रहते हैं जिसमें कोई फसल नहीं किसान लगाते हैं बंदरों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। बंदरों के आतंक से परेशान होकर 2 वर्ष पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान यूनियन हाकिम सिंह भदोरिया ने धरना प्रदर्शन कर तहसील प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया था की गणेशपुर सहित पूरे बहराम घाट क्षेत्र में बंदरों का आतंक फैला हुआ इन बंदरों को पकड़वा कर यहां से हटाया जाए परंतु तहसील प्रशासन ने संज्ञान में नहीं लिया ।भदोरिया संगठन ने कई बार बंदरों का मुद्दा उठाया लेकिन तहसील प्रशासन जिला प्रशासन मौन दिखा। एक तरफ बंदरों का आतंक दूसरी तरफ आवारा पशुओं का आतंक जिससे आम आदमी व किसान परेशान है।रात्रि में किसान आवारा पशुओं से फसल को बचाते हैं दूसरी तरफ दिन में बंदरों का आतंक रहता है जिससे किसानों और आम जनमानस में तहसील प्रशासन जिला प्रशासन के प्रति लोगों में भारी रोष व्याप्त है।

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