अघोषित बिजली कटौती: तीन तीन मंत्री होंने के बाबजूद बिजली कटौती से जनता बेहाल

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अजीत मिश्रा @Narad Samvad

शाहजहांपुर। योगी 2.0 के आगाज के साथ काफी बदलाव किये गये बदलाव के साथ मंत्रिमंडल में भी कई नये चेहरों को तवज्जो दी गई।चेहरे नये अवश्य हैं लेकिन काम पुराने जैसा भी नही कर रहे हैं।
2017 से 2022 तक ऊर्जा मंत्री का पद श्रीकांत शर्मा संभालते रहे उनके कार्यकाल में बिजली व्यवस्था बहुत अच्छी रही स्वयं मंत्री जी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते थे और लोगों को उनकी समस्या का त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते थे।जिससे आमजनमानस को यह सुकून मिल जाता था कि मंत्री जी ने उसकी समस्या को सुना और निस्तारण किया जिसको लेकर सोशल मीडिया पर योगी सरकार की काफी सराहना होती थी।
इस बार ऊर्जा मंत्री का पद ए के शर्मा को दिया गया है जब से शर्मा जी ने पद को संभाला है तब से यूपी की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है।
बात करते हैं शाहजहांपुर जनपद की यहां पर पीडब्ल्यूडी से लेकर शिक्षा चिकित्सा और सहकारिता मंत्री जैसे तीन अहम पदों बाले मंत्री हैं।उनके जिले की विद्युत व्यवस्था की ऐसी दुर्दशा देखकर भगवान भी सोचता होगा कि कैसे कैसे लोग हैं जो अपना ही घर नही संभाल पा रहे हैं वो प्रदेश को कैसे संभालेंगे यह प्रश्न आज कल सोशल मीडिया पर बहुतायत संख्या में युवाओं द्वारा पूछा जा रहा है।
जिस जनपद में तीन तीन मंत्री हो उस जिले के नागरिकों के लिए इससे बड़ी सौभाग्य की बात क्या होगी लेकिन नही यहां पर यह बात बिल्कुल उलट है यहां पर तीन तीन मंत्री महज नाम के हैं काम के लिए बिल्कुल शून्य नजर आ रहे हैं।
बात करते हैं जलालाबाद तहसील की यहां पर भाजपा कभी अपना खाता नही खोल पाई थी 2022 के विधानसभा चुनाव में जलालाबाद की जनता ने मन बनाया की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए यहां पर भी भाजपा को जिताना आवश्यक है जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।और भाजपा से हरिप्रकाश वर्मा को चुनकर विधानसभा भेजने का कार्य क्षेत्र की जनता ने किया।
भयंकर गर्मी के इस सीजन में जब जनता को विधायक जी की आवश्यकता पड़ी तो बिजली के मुद्दे पर विधायक जी बिल्कुल शांत पड़ गये।अधिकारियों का आलम यह है कि कोई भी बिजली विभाग का अधिकारी आम आदमी का फोन उठाना तक मुनासिब नही समझता है।सबसे मजे की बात तो यह है कि बिजली घर मे जो बिजली की जानकारी के लिए जो फोन है वह अधिकतर बंद रहता है यदि खुला भी है तो आपरेटर फोन उठाना उचित नही समझता अब ऐसी स्थिति में आम जनता भी सोच रही कि सरकार चुनकर बड़ी गलती कर दी।न तो अधिकारी सुन रहे हैं और न ही नेता आम जनता जाये तो जाये कहाँ फिलहाल शाहजहांपुर जनपद में छः विधानसभा सीटें हैं और सभी सीटों पर भाजपा के विधायक हैं और जिले से ही तीन मंत्री भी यूपी सरकार में हैं उसके बाबजूद विद्युत व्यवस्था का यह आलम देखकर हर कोई सरकार को कोसता नजर आ रहा है।

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