बाराबंकी शहर में सुनाई देगी फिर से घंटाघर पर टिकटिक की आवाज

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संयुक्त मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी नवाबगंज ने घंटाघर पर नारियल फोड़कर किया शुभारम्भ

रिपोर्ट:-कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

उत्तरप्रदेश(बाराबंकी) नगर की पहचान बने ऐतिहासिक घंटाघर की लंबे समय से बंद पड़ी घड़ी की टिक-टिक एक बार फिर से सुनाई देने की उम्मीद है। ऐसा घंटाघर का पुराना स्वरूप बहाल करने के लिए जनसहयोग से शुरू की गई पहल से संभव हो सकेगा। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से न सिर्फ रंग-रोगन होगा बल्कि इसे अतिक्रमण से भी मुक्त कराया जाएगा। इसकी शुरुआत संयुक्त मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी नवाबगंज सुमित यादव ने नारियल फोड़कर किया।
*यह कराए जाएंगे कार्य* : व्यापारी नेता राजीव गुप्ता ने लोगों से इस कार्य में सभी वर्ग के लोगों से आगे आने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि भवन की मरम्मत, रंगाई-पोताई और घड़ी को दुरुस्त कराए जाने के साथ ही विशेष प्रकाश व्यवस्था कराई जाएगी। सराफा व्यापारी अनंत कुमार रस्तोगी ने नगर के विभिन्न क्षेत्रों से एक-एक व्यक्ति को जोड़कर कमेटी बनाने का सुझाव दिया। कहा, इससे ज्यादा लोग आगे आ सकेंगे। सभासद पंकज मिश्रा ने 5100 रुपये देकर सहयोग की शुरुआत की।
उपजिलाधिकारी ने पहल को सराहा : एसडीएम सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि जनसहयोग से घंटाघर के जीर्णोद्धार की पहल प्रशंसनीय है। इसमें प्रशासन भी सहयोग करेगा। उन्होंने व्यापारियों से फुटपाथ पर सामान न रखने का आह्वान किया, ताकि आवागमन में कोई परेशानी न हो। पालिकाध्यक्ष शशि श्रीवास्तव के पुत्र अमरजीत श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें पूरा सहयोग किया जाएगा। बताया, यहां की घड़ी की मरम्मत के लिए बरेली से कारीगर बुलाया जाता था। कुछ समय पूर्व उनका निधन हो जाने के कारण अब घड़ी नहीं बन पा रही है। इसके लिए अन्य विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
 वहाँ पर उपस्थित:संघ के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह ज्ञानू, शील प्रकाश शुक्ल , संजय रस्तोगी, पुष्कर गुप्ता, संजय निगम, डा. बृजेश सिंह, सुनील त्रिवेदी, कुलदीप रस्तोगी, पंडित पृथ्वी नाथ पुरोहित, चंदन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

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