मारपीट में घायल गर्भवती महिला का चिकित्सीय परीक्षण अल्ट्रसाउंड कराना वाजिब नहीं समझी: पुलिस

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सफदरगंज/बाराबंकी

सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना की परवाह नहीं करती सफदरगंज पुलिस

देश और प्रदेश के मुखिया भले ही हर स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की जी तोड़ मेहनत को पतीला लगाने से नहीं बाज आ रही पुलिस।महिला सुरक्षा और सुरक्षित मातृत्व पर जानलेवा हमला होने के बाद संबंधित थाने की पुलिस द्वारा निष्क्रियता के अतिरिक्त कुछ परिणाम और कार्यवाही नहीं देखने को मिल रही है। मामला जनपद के सफदरगंज थाने का है जहां के ग्राम मिठुवापुर में 16.04.2022 को दोपहर लगभग 1:00 बजे बच्चों के आपसे खेलकूद में हुई कहासुनी को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें विपक्षी रामू पुत्र भागीरथ व पत्नी द्वारा ममता देवी जो लगभग सात माह के गर्भ से हैं को लात-घूंसों और लाठी-डंडे से मारा पीटा। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों के आने पर ममता को छुड़ाया और पति कुशमेश के आने पर थाने जाकर प्रार्थना पत्र दिया जिस पर एन सी आर 0004/2022 दर्ज तो हो गयी लेकिन पीड़ित का चिकित्सीय परीक्षण जनपद की सफदरगंज पुलिस ने कराना उचित नहीं समझा।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत हैं।जिसके लिए महिला सशक्तिकरण, महिला सामर्थ्य, महिला सुरक्षा और स्वावलंबन, मिशन शक्ति व सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन जैसी योजनाओं के माध्यम से प्रयत्नशील हैं तो वहीं महिलाओं के साथ घटित घटनाओं पर पुलिस उदासीन है। ऐसे में न्याय गर्भवती महिला को कैसे मिल पाएगा।कैसे महिला सशक्तिकरण, महिला सामर्थ्य, महिला सुरक्षा और स्वावलंबन, मिशन शक्ति व सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन जैसी योजनाएं मूर्तरूप ले पाएंगी।

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल

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