सूफी संत भागू शाह बाबा की मजार पर हजारों भक्तो ने टेका मांथा

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जिसकी मनोकामना पूर्ण होती है वह भागू शाह की मजार पर चढ़ाता है गागर चादर
रिपोर्ट:-कृष्ण कुमार शुक्ल

रामनगर बाराबंकी:जनपद बाराबंकी के विकासखंड रामनगर अंतर्गत बडनपुर गांव के पास स्थित रामनगर राजघराने द्वारा दान की गई बाग में भागू साह मेले का प्रत्येक वर्ष आयोजन किया जाता है। सूफी संत भागू शाह की मजार पर हजारों लोगों ने आस्था से रंग बिरंगी चादर गुलाब पुष्प अगरबत्ती व प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगी।मेला गुरुवार की रात्रि को 7 बजे से शुरू होकर पूरी रात्रि तक चलता रहता है और शुक्रवार शनिवार तक चलता रहता है।मेले में दूरदराज से आए हुए लोगों ने भी मन्नत मांगी आपको अवगत करा दे सूफी संत भागू साह बाबा की गद्दी 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है और उनके बाद गद्दी गुलाब शाह बाबा के हाथों में आ गई उसके 50 वर्ष हो रहे हैं। सूफी संत भागू शाह जिनसे लोगों को बड़ी आस्था थी। लोगों का कहना है कि रामनगर राजघराने को एक मुकदमे में बड़ी जीत मिली थी उन्होंने भागू साह बाबा से आशीर्वाद प्राप्त किया था।और वह मुकदमा जीत गए थे जिससे उन्होंने भूमि दान की थी इस मजार पर हिंदू मुस्लिम सभी लोग माथा टेकने जाते हैं जिससे हिन्दू मुश्लिम भाईचारा बरकरार रहता है। जो भी भागू शाह बाबा से श्रद्धा भक्ति से भक्त मांगते हैं उनकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है यह लोगों का कहना है। और जिसकी मनोकामना पूर्ण होती है वह अपने सिर पर मिट्टी के गागर में शकर का रस भरकर उस पर दीपक जलाकर पैसे रखकर मनोकामना पूर्ण होने के बाद भागू साह की मजार पर चढ़ाते हैं।सबसे ज्यादा भागू शाह की मजार पर बिहार राज्य के लोग मुरीद हैं 100 से 200 की संख्या में बिहार से मजार पर चादर चढ़ाने ढोल मंजीरा से कव्वाली कहने आते हैं।वंही एक बिहार की रहने वाली महिला कामिनी ने बताया कि मैं 40 वर्षों से भागू शाह की मजार पर आ रही हूं उन्होंने कहा मैं निःसंतान थी मेरे बच्चे नहीं होते थे मैंने गुलाब शाह बाबा से यह बात कही तो उन्होंने मुझे एक गुलाब का फूल दिया बोले यह खा लो जिससे मैं मां बन गई और मेरी मन्नत पूरी हो गई।तब से लेकर आज तक में इस मजार पर आ रही हूं।कामिनी सिन्हा के साथ में संजय सिंह राकेश कुमार, अनिरुद्ध कुमार ,यह लोग 45 वर्षों से मेले में आ रहे हैं ।मेले में रामनगर के आस पास के गांव गणेशपुर, बडनपुर,गोदाम, बेचुवापुर, लाइन महादेवा मढ़ना,लोहटी ,रेलीबाज़ार, मीतपुर, गोबरहा आदि कई गाँवो से लोग प्रसाद चादर चढ़ाने आते हैं।और कई अन्य जिलों से लोग भी चादर चढ़ाने आते हैं।जैसे गोंडा बहराइच बाराबंकी लखनऊ से भी लोग आते है।इस समय मजार की देखरेख साबित अली शाह गनी टेलर निजामुद्दीन मोहम्मद शफीक कुटिया की देखरेख कर रहे हैं और मेला की देखरेख गणेशपुर के इसराइल बडनपुर के जियाउद्दीन सहित कई लोग देख रहे हैं कई वर्षों मेला यह लग रहा है आसपास के सैकड़ों गांवों से लोग मजार पर मत्था टेकने आते हैं जिससे उनकी मनोकामना पूरी होती है गुरुवार का दिन विशेष होता है इसलिए प्रत्येक गुरुवार को भी लोग मजार पर मत्था टेकने जाते हैं। महादेवा चौकी से मेले की देखरेख में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कांस्टेबल उदय बहादुर, शिव बहादुर ,महारानीदीन वर्मा व सुरेंद्र सिंह तैनात रहे।

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