मदरसा के शिक्षकों को नहीं दिखा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान

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रामनगर/बाराबंकी

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

भारत का राष्ट्रीय ध्वज जहां एक तरफ रुस यूक्रेन के मध्य चल रहे भीषण युद्व के दरमियान हिन्दुस्तानी झंडे के सहारे देश विदेश के हजारो छात्र छात्राओ ने अपने जीवन की रक्षा कर पाने मे सफल रहे हो।उस झंडे का अपमान अपने ही देश मे एक मदरसे पर उल्टा फहराकर किया जाय तो वहाँ के शिक्षको के ऊपर लोगो की ओर से सवाल उठना लाजिमी है।मालूम हो कि लोधेश्वर महादेवा मे लोधेश्वर फीलिग सेन्टर के सामने स्थित मदरसे के ऊपर यह झंडा विगत 26 जनवरी से ही उल्टा फहर रहा है।जानकारो के मुताबिक इस मदरसे मे पहले बाहर बोर्ड लगा हुआ था।इस समय वह बोर्ड भी अन्दर कर लिया गया है।अब जमीनी विवाद सुलझ गया बताया जा रहा है।लेकिन 26 जनवरी को यहा फहराये गये राष्ट्रीय झंडा आज तक अपमानित दशा मे फहरा रहा था।संवाददाता की नजर पड़ी तो उसे कैमरे मे कैद कर लिया गया।मदरसा की छत पर उल्टा राष्ट्रीय ध्वज फहर रहा है।मदरसा के आस पास क्षेत्रीय लोगों की जानकारी के मुताबिक काफी दिनों से उल्टा झंडा फहर रहा है गौरतलब बात यह है कि मदरसे में कार्यरत अध्यापकों ने भी नहीं देखा उल्टा ध्वज फहरा दिया। सवाल बड़ा आखिर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान क्यों क्षेत्र में भ्रमण के दौरान नजर पड़ी तो मदरसा की छत पर उल्टा ध्वज लहराता नजर आया।ऐसा दृश्य देखकर इधर उधर मशक्कत करते हुये मदरसे के आलिमों की खोजबीन की तो प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि मदरसे के कर्मचारी चले गये।स्थानीय लोगों ने बताया कि राष्ट्रीय ध्वज को गणतंत्र दिवस के दिन फहराने के बाद संध्या से पूर्व ससम्मान उतारा जाता है लेकिन उक्त मदरसे में तो ध्वज रोहन के बाद शायद उतारा ही नहीं गया।प्रत्यक्ष दर्शियों ने कहा कि इतने दिन से उल्टा फहर रहे राष्ट्रीय ध्वज को मदरसा के अध्यापको ने भी संज्ञान नही लिया गया।उल्टा ध्वज कई दिनों से लहरा रहा है।क्षेत्र के लोगों ने मदरसे के अध्यापकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के लिये प्रशासन से माँग की है।

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