पीएचसी महादेवा की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अधूरी

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रामनगर/बाराबंकी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महादेवा में लगा गंदगी का अंबार पेयजल व्यवस्था लाचार


तहसील रामनगर अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महादेवा मे स्वास्थ्य सुविधाये बद से बदतर दिखाई पड़ रही है। जिसको लेकर आम जनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।क्षेत्रीय लोगों का कहना है की यहा आये दिन तैनात स्वास्थ्य कर्मी अधिकतर गायब रहते है।भारी गंदगी और झाड़ी झंखाड अस्पताल परिसर मे होने से मालूम पड़ता है कि मरीजों का इलाज करने वाला अस्पताल बीमारी का घर बना हुआ है।वही बाउंड्री के अंदर छुट्टा मवेशी चहल कदमी करते देखे जा सकते है।ऐसा तब देखा और सुना जा रहा है जब लोधेश्वर महादेवा उत्तर भारत का एक प्रमुख तीर्ध धाम है जहां सुदूर वर्ती क्षेत्रो से शिवभक्त आम दिनो मे भी अपना आवागमन बनाये रहते है। यहां सोमवार को चिकित्सा अधिकारी विवेक कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मौजूद थे।उन्होने जानकारी चाहे जाने पर बताया कि मरीजों को देखने व चिकित्सालय खुला रहने का समय दस से चार बजे तक है।हमारे यहां चार लोगो का स्टाप है जिसमे दो लोग कार्यवश बाहर गये है।अब कौन से कार्य से कहा गये है इस बात पर उन्होने सफाई देते हुये कहा कि प्रभारी चिकित्सक को मालूम होगा।लोधेश्वर महादेवा क्षेत्र को हम स्टाफ की कमी होने के कारण 24 घंटे सेवाएं नहीं दे पा रहे है।पीएचसी परिसर में सफाई व्यवस्था ध्वस्त होने के साथ पानी पीने की सुविधा भी अपर्याप्त दिखाई दे रही है। वही इंडिया मार्का हैंड पंप गेट के पास काफी दिनों से खराब लगा हुआ है। जिसका कोई ध्यान नही दे रहा है।अब गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है ऐसे में मरीजों व तीमारदारों के लिये पेयजल व्यवस्था भी बीमार पड़ी हुई है।अस्पताल मे वार्ड बॉय वेद प्रकाश और स्वंय विवेक कुमार मौजूद थे।सुबह से दोपहर तक कुल सात मरीजो का उपचार दर्ज हो सका था। पीएचसी तराई क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण अधिकतर मरीज स्वास्थ्य सुविधा ना पाकर इधर उधर भटकने पर मजबूर रहते हैं वह पर्यटन स्थल होने के चलते 24 घंटे अस्पताल खोलना चाहिए स्टाफ को बढ़ाकर अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं होना अति आवश्यक है इस पर सक्षम अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए जिससे गंभीर मरीजों व क्षेत्र के अस्वास्थ्य लोगों का समय से समुचित इलाज किया जा सके। इस समस्या की खबरें भी पेपर में कई बार प्रकाशित की जा चुकी है लेकिन जिम्मेदार मौन है।

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

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