फाल्गुनी मेले पर दिखने लगे संकट के बादल

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रामनगर-बाराबंकी

उत्तर प्रदेश बाराबंकी जिला की तहसील रामनगर के सुप्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा धाम में फाल्गुनी मेले में कावरिया आना शुरू हो गए है। लेकिन महोत्सव की तरह लोधेश्वर महादेवा में लगने वाले फाल्गुनी महाशिवरात्रि मेले पर संकट के बादल मंडराने लगे है। अब मेला सम्पन्न होने की संभावनाएं भी क्षीड़ नजर आ रही है। ज्ञात हो कि इसके पूर्व में वर्ष 2021 में होने वाला महादेवा महोत्सव भी प्रशासन की नाफ़रमानी की भेंट चढ़ गया और महोत्सव नही हो पाया। प्रशासन ने कोरोना महामारी के संक्रमण का बहाना लेकर महोत्सव को स्थगित करके यह कहा था कि जनवरी 2022 में महादेवा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। लेकिन वह भी न हो सका। अब फाल्गुनी महाशिवरात्रि मेला शुरू होने में मात्र चंद दिन बचे है।इसपर भी ग्रहण लग चुका है। प्रशासन के निर्देश पर मठ रिसीवर हरि प्रकाश द्विवेदी द्वारा जारी फरमान में कहा गया है कि विधान सभा चुनाव व कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते महादेवा में आने वाले श्रद्धालु मेला न आकर अपने घरों के निकट शिव मंदिरों पर पूजन-अर्चन व जलाभिषेक कर ले। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनपद की पुलिस के द्वारा जिले की सभी सीमाएं 25 फरवरी तक सील कर दी जाएगी।इसलिए श्रद्धालु महादेवा मेला आने से बचाव करें। क्षेत्रीय जनता का कहना है माघ मेले का आयोजन किया गया। बड़ी-बड़ी चुनावी जनसभा व रैलियों तथा वैवाहिक कार्यक्रमों पर कोई प्रतिबंध नही है। यहीं नही स्कूल-कालेज भी खुल गए है। जहां पर हजारों की संख्या में नन्हे-मुन्हे बच्चों का जमावड़ा रहता है। वहां किसी तरह का कोई कोरोना संक्रमण का भय नही है। लेकिन पौराणिक तीर्थ स्थल महादेवा में लगने वाले महाशिवरात्रि मेलें में कोरोना संक्रमण का भय बताकर प्रशासन मेला कराने में हिला-हवाली कर रहा है।मेला स्थगित कराने की खबर क्षेत्र में फैलते ही कई क्षेत्रवासियों में काफी रोष भी देखने को मिला है।

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

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