उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के सिविल लाइंस इलाके में स्थित होटल अवध कैलाश के एक कमरे में एक महिला और एक पुरुष का शव मिला है। मृत महिला की पहचान पिंकी के रूप में हुई है, जबकि मृतक पुरुष का नाम रिंकू बताया गया है।
पोस्टमार्टम के बाद पिंकी के पति विजय शर्मा ने अपनी पत्नी के शव को लेने से मना कर दिया। उन्होंने शव को नोएडा स्थित अपने घर ले जाने से भी इनकार कर दिया।
इसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने ही महिला के अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया को संभाला। पिंकी का अंतिम संस्कार त्रिमूहानी घाट पर किया गया।
रिश्तों और गायब होने का घटनाक्रम
गौतम बुद्ध नगर के नोएडा के निवासी विजय शर्मा ने बताया कि रिंकू श्रावस्ती का रहने वाला था। उसने अगस्त के महीने में विजय के घर के सामने वाला एक मकान किराए पर लिया था।
विजय शर्मा के अनुसार, पिंकी ने रिंकू का परिचय अपने गोद लिए हुए भाई के रूप में कराया था। रक्षा बंधन के त्योहार पर विजय की मौजूदगी में ही पिंकी ने रिंकू की कलाई पर राखी बांधी थी।
14 सितंबर को पिंकी और रिंकू दोनों अचानक अपने घर से लापता हो गए थे। जांच के दौरान पता चला कि यह दोनों 22 सितंबर को बहराइच पहुंचे और वहां एक होटल में रुके थे।
पैसे की मांग और संदिग्ध मौत
30 सितंबर को होटल के कमरे से इन दोनों के शव बरामद हुए। विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि 30 सितंबर को ही रिंकू ने उन्हें फोन किया था और पिंकी को वापस करने के बदले 80,000 रुपये की मांग की थी।
इस बातचीत के तुरंत बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए और उसके बाद उनकी मौत की खबर सामने आई। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
हालांकि, मौत से कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील अपलोड की गई थी। इस रील के ऑडियो में कहा गया था कि अब आज के बाद कोई यह नहीं पूछेगा कि मैं कहां थी और किसके साथ थी।
पुलिस की जांच और परिजनों का बयान
पुलिस इस डिजिटल सबूत को जांच का हिस्सा मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है। अधिकारी अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि 14 सितंबर से 22 सितंबर तक दोनों कहां थे।
रिंकू के परिवार ने बताया कि उसकी शादी इसी साल 11 जुलाई को हुई थी। परिजनों का कहना है कि उन्हें पिंकी और रिंकू के बीच किसी भी तरह के संबंध की जानकारी नहीं थी।
पुलिस मामले की गहराई से जांच के लिए निम्नलिखित पहलुओं पर काम कर रही है:
- होटल के रिकॉर्ड की पूरी जांच की जा रही है।
- दोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं।
- डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अंतिम विश्लेषण के बाद ही चल पाएगा।

























