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बरेली में नाइजीरियाई नेटवर्क से जुड़े साइबर ठग गिरफ्तार, बैंक पासबुक और डेबिट कार्ड बरामद

बरेली साइबर क्राइम सेल ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में विशाल और सचिन नाम के दो संदिग्धों को पकड़ा है।

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विशाल दिल्ली के आनंद पर्वत स्थित नेहरू नगर का रहने वाला है। वहीं सचिन पंजाबी बस्ती में नेपाली मंदिर के पास रहता है। पुलिस को सूचना मिली थी कि ये दोनों दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें जंक्शन पुलिस पोस्ट के पास से दबोच लिया गया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 27 बैंक पासबुक, 12 डेबिट कार्ड और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा कई अन्य जरूरी दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

नाइजीरियाई नेटवर्क और फर्जी खातों का खेल

पकड़े गए दोनों संदिग्धों ने पुलिस के सामने यह कबूल किया है कि वे फर्जी बैंक खातों के जरिए लाखों रुपये के लेनदेन में मदद करते थे। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने खुलासा किया कि उनके इस नेटवर्क के तार नाइजीरिया तक फैले हुए हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने इस आपराधिक गिरोह के सदस्यों के रूप में यूट्यूबर अमल सैनी और शोएब के नाम बताए हैं। अमल सैनी और शोएब फिलहाल जेल में बंद हैं, लेकिन पुलिस ने अब उनके नामों को जांच रिपोर्ट में शामिल कर लिया है।

अपराध की शुरुआत और काम करने का तरीका

सीओ हाईवे देवेश कुमार सिंह के मुताबिक, इन संदिग्धों की मुलाकात शोएब से एक ट्रेन में हुई थी। इसके बाद उन्हें अमल सैनी और फुजैर नाम के एक व्यक्ति से मिलवाया गया।

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शोएब ने उन्हें सिखाया था कि फर्जी बैंक खाते खोलकर लाखों रुपये कैसे कमाए जा सकते हैं। इसी काम के लिए संदिग्धों के पास बैंक पासबुक, लिंक किए गए मोबाइल नंबर और डेबिट कार्ड रखे हुए थे। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन से कुछ संदिग्ध चैट लॉग भी पाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

यूट्यूबर अमल सैनी का आपराधिक इतिहास

यूट्यूबर अमल सैनी खुद को पत्रकार बताता है। वह पहले भी विवादों में रहा है, जब उसने एसएसपी कार्यालय के सामने एक महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने और उसके ससुर से 50,000 रुपये वसूलने का आरोप झेला था। इन घटनाओं के बाद सैनी और शोएब को जेल भेज दिया गया था।

इसके अलावा, एडीएम प्रशासन कार्यालय के एक क्लर्क और एक असिस्टेंट ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने भी अमल सैनी और उसके साथियों के खिलाफ जबरन वसूली के मामले दर्ज कराए थे। पुलिस अब संगठित अपराध के कारण सैनी और उसके गिरोह के सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी कर रही है।

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