लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में स्थित Pushpanjali Hospital में इलाज के दौरान एक महिला की मृत्यु हो गई। मृतका की पहचान चमेली रावत के रूप में हुई है, जिन्हें चमेली गौतम के नाम से भी जाना जाता था।
वह बाराबंकी के खैरा बीरू गांव की रहने वाली थीं। यह पूरी घटना 2 अक्टूबर 2026 के आसपास की बताई जा रही है।
महिला की मौत के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ। मरीज के दुखी परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों के बीच हिंसक झड़प हुई।
इलाज के ब्यौरे को लेकर विवाद और हमला
मृतका के बेटे अमरीश गौतम और अरजुनगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष पीतम मिश्रा सहित परिवार के सदस्यों का कहना है कि विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने अस्पताल से इलाज का विस्तृत ब्यौरा मांगा।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने उनके सवालों का जवाब देने के बजाय उन पर हमला कर दिया। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने उन पर सर्जिकल कैंची और अन्य मेडिकल उपकरणों से हमला किया।
परिजनों के अनुसार, अस्पताल के भीतर हुई इस मारपीट और शारीरिक झड़प की पूरी घटना वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।
पुलिस की कार्रवाई और डॉक्टरों की सफाई
परिवार द्वारा दी गई शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने डॉक्टर हरेंद्र यादव और डॉक्टर विवेक गुप्ता के साथ-साथ कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है। वे तथ्यों का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
दूसरी ओर, डॉक्टर हरेंद्र यादव ने मेडिकल लापरवाही के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
डॉक्टर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मरीज की मृत्यु मेडिकल केयर में किसी कमी की वजह से नहीं, बल्कि सेप्टिसीमिया (एक प्रकार का संक्रमण) के कारण हुई है।

























