समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगियों की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की सोच संकीर्ण है, जो मूल रूप से कला और कलाकारों के खिलाफ है।
यादव ने दावा किया कि ये रूढ़िवादी गुट रचनात्मक लोगों से डरते हैं क्योंकि उनका मानना है कि कलाकार सामाजिक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सकारात्मक कला सहानुभूति और सहिष्णुता को बढ़ावा देती है, इसलिए BJP कला के विभिन्न रूपों को अपने एजेंडे में बाधा या नकारात्मक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण के रूप में देखती है।
कलाकारों के सम्मान और विरासत पर हमला
अखिलेश यादव ने आगे आरोप लगाया कि BJP नफरत की आग भड़काकर देश को नुकसान पहुँचा रही है। उन्होंने कहा कि ‘भारत रत्न’ विजेताओं से जुड़ी साझा विरासत को कम करना भारत के सम्मान को नुकसान पहुँचाने के बराबर है।
इसके जवाब में अखिलेश यादव ने संकल्प लिया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वह भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की संगीत विरासत को सहेजने के लिए एक ‘श्रवण-संग्रहालय’ (ऑडिटरी म्यूजियम) स्थापित करेगी।









