कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली रैली को लेकर व्यापारियों की चिंताओं पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा देते हैं, तो यह विरोध प्रदर्शन तुरंत खत्म हो जाएगा। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ करार दिया है और दावा किया कि उनके हटने के 30 सेकंड के भीतर आंदोलन रुक जाएगा।
राहुल गांधी का तर्क है कि चुनावी अनियमितताओं के कारण दुकानों की गरिमा, लोगों की बचत और बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। वह इस रैली के जरिए चुनावी प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
व्यापारियों की आर्थिक नुकसान की चिंता
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से अपील की थी कि वह इस रैली को स्थगित कर दें। CTI का मानना है कि इस आयोजन से भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। रामलीला मैदान के आसपास 20 बड़े थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं।
व्यापारियों का कहना है कि दिवाली के व्यस्त सीजन में ट्रैफिक जाम और कामकाज में रुकावट आने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि अक्टूबर में हुए पिछले प्रदर्शनों की वजह से करीब 3,000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। इसी कारण उन्होंने रैली को 10 नवंबर के बाद, भाई दूज के बाद आयोजित करने का सुझाव दिया था।
वोट बचाओ देश बचाओ जन मार्च और सुरक्षा इंतजाम
INDIA गठबंधन की इस रैली को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च’ का नाम दिया गया है। इस मार्च के जरिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का विरोध किया जा रहा है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
कांग्रेस पार्टी का दावा है कि इस रैली में 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे। हालांकि, रामलीला मैदान की बैठने की क्षमता केवल 35,000 से 40,000 लोगों की है। दिल्ली पुलिस ने 17 अक्टूबर, 2026 को इस रैली के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया था।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने 25 अक्टूबर, 2026 को एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस कमिश्नर शामिल हुए, जिनमें कानून व्यवस्था की तैयारियों पर चर्चा की गई।
नियुक्ति पर विवाद और राजनीतिक विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है और विपक्ष उन पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगा रहा है। इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संकेत दिया है कि यदि आयुक्त के खिलाफ कोई नया महाभियोग प्रस्ताव लाया जाता है, तो उस पर तय प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रैली की तारीख पर आपत्ति जताई है। बीजेपी का कहना है कि यह तारीख 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी से मेल खाती है। पार्टी ने चिंता जताई है कि इस दिन रैली करने से सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।









