लखनऊ में 26 अक्टूबर 2026 को एक बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम होने जा रहा है। इस दिन समाजवादी पार्टी कई प्रमुख नेताओं का स्वागत करने की तैयारी कर रही है।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राम बहादुर इस अवसर पर औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे। वह गोंडा के पूर्व जिला मजिस्ट्रेट रह चुके हैं और उन्हें बसपा प्रमुख मायावती का बेहद करीबी माना जाता था।
राम बहादुर ने इससे पहले जनवरी 2022 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।
राम बहादुर का राजनीतिक प्रभाव और रणनीति
राम बहादुर पासी और दलित समुदायों के बीच काफी प्रभाव रखते हैं। उनका समाजवादी पार्टी में आना पार्टी की ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को मजबूत करने की एक कोशिश माना जा रहा है।
वह साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर मोहनलालगंज सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन वह बहुत कम अंतर से हार गए थे।
राम बहादुर ने अब अपने समर्थकों से ‘PDA एकता जिंदाबाद’ के नारे के साथ लखनऊ में इकट्ठा होने की अपील की है।
दारा सिंह प्रजापति और अन्य नेताओं का आगमन
इसी दिन दारा सिंह प्रजापति भी समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले हैं। वह मुजफ्फरनगर से बसपा के लोकसभा उम्मीदवार रह चुके हैं।
उनकी यह एंट्री समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ हुई मुलाकातों के बाद हो रही है। इन बैठकों के दौरान सरधना जिला पंचायत सदस्य अश्विनी शर्मा भी मौजूद थे।
दारा सिंह प्रजापति के पार्टी में आने से प्रजापति समुदाय के बीच समाजवादी पार्टी की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है। उनके समर्थकों ने लखनऊ में पोस्टर लगाकर इस बदलाव का जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
इन नेताओं के अलावा, राज्य की राजधानी में होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान बसपा के एक अन्य पूर्व नेता भी अपनी निष्ठा बदलते हुए समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे।









