मोकामा के विधायक अनंत सिंह को 24 अक्टूबर 2026 को जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU से औपचारिक रूप से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ने उन्हें छह साल की अवधि के लिए बाहर का रास्ता दिखाया है।
यह अनुशासनात्मक कार्रवाई केवल अनंत सिंह तक सीमित नहीं रही है। उनके साथ उनकी पत्नी नीलम देवी को भी पार्टी से निष्कासित किया गया है।
पार्टी ने यह कदम एंटी-पार्टी गतिविधियों के आरोपों के बाद उठाया है। आरोप है कि पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनावों में अनंत सिंह ने JDU के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ सक्रिय रूप से प्रचार किया था।
पार्टी के भीतर बढ़ता तनाव और विवाद
इस निष्कासन से पहले पार्टी के भीतर तनाव काफी बढ़ गया था। 5 अक्टूबर 2026 को अनंत सिंह ने नीरज कुमार के लिए प्रचार करने से इनकार कर दिया था।
JDU नेता ललन सिंह ने आंतरिक चर्चाओं के बाद सिंह के इस फैसले को एक गलती बताया था। इसी खींचतान के बाद अंततः पार्टी ने उन्हें बाहर करने का निर्णय लिया।
अनंत सिंह की प्रतिक्रिया और पार्टी का भविष्य
25 अक्टूबर 2026 को इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात का कोई दुख नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “कोई दुख नहीं है।”
सिंह ने दावा किया कि JDU असल में “नीतीश कुमार की पार्टी” है। उन्होंने कहा कि चूंकि नीतीश कुमार फिलहाल सक्रिय राजनीतिक गतिविधियों से दूर हैं, इसलिए पार्टी का भविष्य अब खत्म हो चुका है।
अनंत सिंह ने आगामी चुनावों को लेकर भविष्यवाणी करते हुए कहा कि JDU सिमटकर केवल 12 सीटों पर रह जाएगी। उन्होंने यहाँ तक कहा कि पार्टी के लिए 10 सीटें जीतना भी मुश्किल होगा।
उन्होंने निष्कासन की वैधता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर नीतीश कुमार मौजूद होते, तो किसकी इतनी हिम्मत होती कि ऐसी कार्रवाई की जाती। हालांकि, उन्होंने नीरज कुमार के प्रति किसी व्यक्तिगत दुश्मनी से इनकार किया और उन्हें अस्वस्थ बताया। साथ ही, उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाने की इच्छा जताई।
पुराने विवाद और गंभीर आरोप
अनंत सिंह और JDU नेतृत्व के बीच संबंध काफी समय से तनावपूर्ण रहे हैं। 16 अक्टूबर 2026 को सिंह ने एक विवादित दावा किया था कि उन्होंने नीतीश कुमार के शुरुआती राजनीतिक करियर में मदद के लिए “नौ हत्याएं” करवाई थीं।
बाद में उन्होंने इस बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मतलब था कि “नीतीश कुमार के लिए उनके नौ लोगों ने कुर्बानी दी।”
पार्टी के भीतर मतभेद इससे पहले भी देखे गए थे। अगस्त 2026 में बांकीपुर उपचुनाव में JDU की हार का कारण अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के सत्ता से हटने पर जनता के गुस्से को बताया था।
- JDU मंत्री दामोदर रावत ने उस समय सिंह के इस दावे को खारिज कर दिया था।
- ललन सिंह और संजय झा जैसे नेताओं ने पहले आंतरिक मतभेदों से इनकार किया था।
ललन सिंह और संजय झा ने पहले गहरे आंतरिक मतभेदों की बात को नकारा था, लेकिन अनंत सिंह की खुली बगावत और उनके निष्कासन ने संगठन के भीतर एक बड़ी दरार को साफ कर दिया है।









