शाहजहांपुर के परशुरामपुरी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार, 24 अक्टूबर को मंडलीय प्रिंसिपल्स की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि और शिशु शिक्षा समिति के राज्य निरीक्षक हरवीर सिंह चाहर ने किया।
उद्घाटन के दौरान उनके साथ स्कूल के अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा और जिला प्रचारक हेमंत भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में देवी सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए और दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया गया।
अतिथियों का स्वागत और परिचय सत्र
बैठक के आयोजक और स्कूल के प्रिंसिपल सतीश दीक्षित ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने मंडल के विभिन्न स्कूलों से आए सभी प्रिंसिपल्स और अतिथियों का औपचारिक परिचय कराया।
सतीश दीक्षित ने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया और उन्हें पारंपरिक अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद मुख्य सत्र की कार्यवाही शुरू हुई जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा की गई।
शिक्षा स्तर और पंच परिवर्तन पर मार्गदर्शन
राज्य निरीक्षक हरवीर सिंह चाहर ने मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सभी प्रिंसिपल्स से विद्या भारती के मूल उद्देश्यों को अपनाने का आग्रह किया।
उन्होंने विशेष रूप से ‘पंच परिवर्तन’ को लागू करने पर जोर दिया, जो एक सामाजिक पहल है। पंच परिवर्तन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना।
- पर्यावरण का संरक्षण करना।
- परिवार के प्रति जागरूकता लाना।
- स्वदेशी जीवनशैली को अपनाना।
- नागरिक कर्तव्यों का पालन करना।
हरवीर सिंह चाहर ने कहा कि इन पांचों बदलावों के सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर हासिल किए जाने चाहिए।
छात्रों के सर्वांगीण विकास और आगामी सत्र की योजना
स्कूल अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने बैठक में शामिल हुए सभी प्रिंसिपल्स के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों का ज्ञान देना नहीं है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा का असली लक्ष्य छात्रों का शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास करना है। उनके अनुसार विद्यार्थियों का संपूर्ण विकास ही सच्ची शिक्षा है।
दिन के अंतिम सत्र में प्रिंसिपल सतीश दीक्षित ने दो दिवसीय बैठक की पूरी रूपरेखा पेश की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आने वाले शैक्षणिक और व्यावहारिक सत्रों में समय पर उपस्थित रहने का आग्रह किया।
इस पूरे कार्यक्रम का संचालन अनिल अग्निहोत्री द्वारा किया गया। यह बैठक 25 अक्टूबर की शाम को औपचारिक रूप से समाप्त होगी।









