एटा कलेक्ट्रेट पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा 21 दिनों का विरोध प्रदर्शन 24 अक्टूबर, 2026 को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया। राज्य अध्यक्ष पुष्पा देवी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे।
इन कार्यकर्ताओं की मुख्य मांग उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और 18,000 रुपये मासिक मानदेय देने की थी। यह आंदोलन तब खत्म हुआ जब मरहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और कार्यकर्ताओं से बातचीत की।
विधायक का आश्वासन और आंदोलन की समाप्ति
बैठक के दौरान विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने प्रदर्शन में शामिल लोगों को भरोसा दिलाया कि वह उनकी समस्याओं और मांगों को औपचारिक रूप से राज्य सरकार के सामने रखेंगे। विधायक के इस प्रतिबद्धता के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने अपने आंदोलन को समाप्त करने पर सहमति जताई।
टकराव खत्म होने की खुशी में विधायक ने कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई। इस प्रक्रिया के तहत प्रदर्शनकारियों ने विधायक को अपना एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें विशेष रूप से उनसे विधानसभा में उनके मुद्दों को उठाने का अनुरोध किया गया था।
अन्य क्षेत्रों में भी सक्रियता और भविष्य की उम्मीद
हालांकि एटा का यह विरोध प्रदर्शन विधायक के आश्वासन के आधार पर खत्म हो गया है, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस पर सकारात्मक समाधान निकालेगी। आशा कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह की गतिविधियां पिछले कुछ समय से अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ी हुई हैं।
इसी कड़ी में 23 अक्टूबर, 2026 को लखनऊ में भी हाल ही में विरोध प्रदर्शन हुए थे। लखनऊ के उन प्रदर्शनों में भी मानदेय में संभावित बदलाव और समायोजन को लेकर चर्चाएं होने की खबरें मिली थीं।









