फतेहपुर जिले के विजयिपुर ब्लॉक में विधान परिषद (MLC) चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह विवाद पार्टी नेताओं और उनके समर्थकों के बीच शुरू हुई एक मौखिक बहस के कारण हुआ। धीरे-धीरे यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच शारीरिक टकराव शुरू हो गया।
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने मतदान केंद्र पर स्थिति को संभाला। पुलिस की कोशिशों के बाद वहां व्यवस्था को फिर से बहाल किया जा सका।
विजयिपुर ब्लॉक में फर्जी वोटिंग का आरोप
इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने औपचारिक रूप से भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा का दावा है कि भाजपा विजयिपुर विकास खंड में फर्जी तरीके से वोटिंग करवाने में मदद कर रही है। पार्टी ने इस मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। राज्य के 72 जिलों में कुल 11 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
चुनाव की निष्पक्षता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इन चुनावों से पहले ही चुनावी शुचिता और पारदर्शिता को लेकर कई चिंताएं जताई गई थीं। 21 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनावी कदाचार का आरोप लगाया था। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सत्ताधारी दल अधिकारियों पर दबाव बना रहा है ताकि फर्जी गतिविधियां आसान हो सकें।
दूसरी ओर, भाजपा के प्रतिनिधियों ने भी चुनाव आयोग के पास अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं। भाजपा का आरोप है कि मतदाता सूचियों में फर्जी और डुप्लीकेट नाम शामिल हैं। उन्होंने इन विसंगतियों की पूरी तरह से जांच करने की मांग की है।
अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में वोटर लिस्ट का विवाद
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायतें सिर्फ फतेहपुर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य जगहों पर भी देखी गई हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी ऐसा ही मामला सामने आया है।
- यहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार संजीव सिंह ने 6,500 अपात्र मतदाताओं के नाम शामिल होने का आरोप लगाया था।
- संजीव सिंह ने बताया कि इन विवादित नामों में से अब तक 5,200 नाम हटा दिए गए हैं।









