Samajwadi Party (SP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कानपुर के श्री राम चौक पर एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav की तत्काल रिहाई की मांग करना था।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh Kumar के खिलाफ भी कड़ा विरोध जताया। उन्होंने चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगाए। उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी की प्रक्रिया चलाने और Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में हेराफेरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नाराजगी
सपा नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि वे सड़कों को तब तक खाली नहीं करेंगे, जब तक उनके नेता की रिहाई और मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नहीं हो जाता। Sajwadi Party के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की है।
यह विरोध प्रदर्शन केवल कानपुर तक सीमित नहीं है। यह उत्तर प्रदेश और दिल्ली में SP और INDIA गठबंधन द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। इस आंदोलन के जरिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की जा रही है।
देशभर में बढ़ता विरोध और कानूनी कार्रवाई
Sajwadi Party और INDIA गठबंधन के इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को उन आरोपों ने और तेज कर दिया है, जिनमें कहा गया है कि SIR प्रक्रिया के तहत लाखों मतदाताओं के नाम सूचियों से हटा दिए गए। इस मुद्दे पर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं।
हाल ही में 6 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान INDIA गठबंधन के 140 से ज्यादा सांसदों ने निर्वाचन सदन तक मार्च किया था।
कानपुर देहात में प्रदर्शन और पुलिस की FIR
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में भी 4 और 5 अक्टूबर 2026 को तीव्र विरोध प्रदर्शन देखे गए। इन प्रदर्शनों के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।
अधिकारियों ने Mati मुख्यालय पर बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और पुलिस के साथ टकराव में शामिल 237 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन दर्ज किए गए लोगों में SP के एक पूर्व सांसद भी शामिल हैं।

























