मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार दिसंबर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक और पूरक बजट पेश करने की तैयारी कर रही है। इस वित्तीय कदम के लिए वित्त विभाग को पहले ही शुरुआती निर्देश दे दिए गए हैं ताकि तैयारियां शुरू की जा सकें।
यह पूरक बजट सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूरक बजट हो सकता है। इस कदम से राज्य की विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
वित्तीय विश्लेषकों का अनुमान है कि इस पूरक बजट की राशि लगभग 59,000 करोड़ रुपये हो सकती है। यह आंकड़ा 4 अगस्त 2026 को पेश किए गए पिछले पूरक बजट के आकार के बराबर ही रहने की संभावना है।
बता दें कि इस साल पहले ही राज्य का वार्षिक बजट पेश किया जा चुका है, जिसकी कुल राशि 9.12 लाख करोड़ रुपये थी। अब आगामी विधानसभा चुनावों और उसके बाद आने वाले अंतरिम बजट से पहले नई कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाना मुख्य उद्देश्य है।
महिलाओं और युवाओं के लिए नई कल्याणकारी पहल
इस पूरक बजट में महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष नीतिगत पहल और नए कल्याणकारी कार्यक्रम शामिल होने की उम्मीद है। सरकार का मुख्य ध्यान समाज के इन वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर है।
एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 40,000 रुपये देने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही पूरे राज्य में स्कूटी वितरण योजना के लिए भी फंड आवंटित किया जा सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर जोर
सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई क्षेत्रों में अतिरिक्त बजट आवंटित कर सकती है। इसमें सड़क निर्माण और ग्रामीण विकास से जुड़ी परियोजनाएं प्रमुखता से शामिल रहेंगी।
विकास कार्यों की सूची में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
- लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण और PWD प्रोजेक्ट्स।
- इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और नए पावर प्लांट की स्थापना।
- स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों का अपग्रेडेशन।
इसके अलावा, नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सरकार सब्सिडी प्रदान करने पर भी विचार कर सकती है, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कर्मचारी बोनस और पिछली वित्तीय उपलब्धियां
राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के लिए भी कुछ खास घोषणाएं कर सकती है। इस दौरान कर्मचारियों को 7,000 रुपये का दिवाली बोनस और महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की वृद्धि देने पर विचार किया जा रहा है।
इतिहास को देखें तो राज्य ने मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करने के लिए लगातार पूरक बजट का उपयोग किया है। उदाहरण के तौर पर, बेसहारा महिलाओं की पेंशन के लिए पहले 535 करोड़ रुपये का आवंटन मंजूर किया गया था।
साथ ही, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के तहत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी फंड मुहैया कराया गया है।

























