Skip to main content

Naradsamvad

[post-views]

चुनाव आयोग के खिलाफ राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का मुंबई में प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे और शिव सेना (UBT) के नेता उद्धव ठाकरे ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एक संयुक्त विरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

Ad image

यह प्रदर्शन मुख्य रूप से मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया में संरचनात्मक अनियमितताओं के आरोपों पर केंद्रित था। नेताओं ने दावा किया कि वोटर लिस्ट में हेरफेर किया गया है।

राज ठाकरे ने SIR प्रक्रिया को तुरंत रद्द करने और वापस पेपर बैलेट (कागजी मतपत्र) पर लौटने की मांग की। उन्होंने 2017-18 से चले आ रहे कथित वोट चोरी के मुद्दों पर अपनी चिंताएं जताईं।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और नियुक्ति पर सवाल

उद्धव ठाकरे ने मतदाता सत्यापन के केंद्रीकरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में मतदाता सूचियों से 13 मिलियन नाम हटा दिए गए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति की वैधता को भी चुनौती दी है। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाले NCP (SP) गुट ने भी हिस्सा लिया।

अन्य राजनीतिक नेताओं के आरोप और ECI का पक्ष

समाजवादी Party के नेता अबू आसिम अजमी ने इस विरोध का समर्थन किया है। उनका कहना है कि धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों सहित पूरा देश मानता है कि चुनाव आयोग (ECI) के भीतर हेरफेर हो रहा है या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम में खराबी है।

अजमी ने यह भी दावा किया कि इन कथित कार्यों के कारण ज्ञानेश कुमार को जेल जाना पड़ सकता है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट किया है कि EVM पूरी तरह से छेड़छाड़ मुक्त हैं।

आयोग के अनुसार, EVM का निर्माण घरेलू स्तर पर Bharat Electronics Limited (BEL) और Electronics Corporation of India Limited (ECIL) द्वारा किया गया है। आयोग ने इस तरह के सभी आरोपों को निराधार और काल्पनिक बताकर खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं और कानूनी विवाद

यह विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को दो रिट याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बिना SIR से जुड़े फैसले लिए।

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को निलंबित किया जाए।
  • वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में एक विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा जांच की जाए।
  • चुनाव आयोग के हालिया फैसलों को पलट दिया जाए।

पूर्व केंद्रीय गृह सचिव R.K. सिंह ने भी देशव्यापी SIR की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से फॉर्म 6 में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह चुनावी कानून का उल्लंघन है।

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

1524629
Total Visitors
error: Content is protected !!