Rashtriya Shoshit Samaj Party (AJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Swami Prasad Maurya बिजनौर के Sherkot पहुंचे। प्रशासन ने उनकी निर्धारित जनसभा के लिए दी गई अनुमति को आखिरी समय पर रद्द कर दिया था, इसके बावजूद वह वहां पहुंचे।
Maurya ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सत्ताधारी सरकार के दबाव में आकर उनकी सभा की अनुमति वापस ली है। प्रशासन के इस फैसले के बाद उन्होंने कार्यक्रम का स्थान बदल दिया।
अनुमति रद्द होने के बाद Maurya ने Chungi Number-5 पर स्थित Saini Dhaba में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन में उनकी बड़ी संख्या में समर्थक इकट्ठा हुए।
बिजनौर की राजनीतिक स्थिति और समीकरण
यह घटना बिजनौर क्षेत्र में हाल ही में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता के बीच हुई है। आने वाले संभावित चुनावों से पहले इस क्षेत्र में BJP और Samajwadi Party के बीच चुनावी समीकरण चर्चा का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।
Maurya अपनी खुद की पार्टी बनाने के बाद से राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में लगातार सक्रिय रहे हैं। वह पहले Samajwadi Party और उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्राथमिक सदस्यता से अलग हो चुके हैं।
पार्टी छोड़ने का इतिहास और प्रशासनिक कार्य
Swami Prasad Maurya ने 20 फरवरी, 2024 को वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए सदस्यता से इस्तीफा दिया था। तब से वह अपनी नई राजनीतिक राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
दूसरी ओर, स्थानीय अधिकारी बिजनौर में अन्य प्रशासनिक कार्यों में जुटे हुए हैं। 1 अक्टूबर, 2026 को बिजनौर में संक्रामक रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया गया था, जिसमें अधिकारी व्यस्त रहे।
Sherkot में Maurya की रैली की अनुमति वापस लेने की विशिष्ट परिस्थितियां अभी भी विवाद का विषय बनी हुई हैं। इसे लेकर AJP नेतृत्व और स्थानीय अधिकारियों के बीच मतभेद बरकरार हैं।

























