प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर हुआ विशाल धरना-प्रदर्शन, बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया भी रहे मौजूद !
पत्रकार राघवेन्द्र मिश्रा
लखनऊ:- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का दावा है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के जरिए मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन्हीं आरोपों के विरोध में राजधानी लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर विशाल धरना एवं प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एवं AICC अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने किया। कार्यक्रम में बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘वोट चोरी’ का कांग्रेस ने लगाया आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर और SIR की प्रक्रिया के माध्यम से पात्र मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया जा सकता है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची से जुड़े प्रत्येक सवाल पर पारदर्शी तरीके से जवाब देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से सूची से बाहर न हो।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी उठाई। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं प्रस्तुत किया जा रहा है।
‘कार्रवाई होने तक जारी रहेगा संघर्ष’
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी का दावा है कि यदि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर जवाबदेही तय नहीं होती है, तो कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका यह आंदोलन जनता के मताधिकार और संविधान की रक्षा के लिए है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट की सुरक्षा और मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।
लखनऊ में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और SIR, मतदाता सूची तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को लेकर आवाज बुलंद की। कांग्रेस ने दोहराया कि जब तक उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उसका संघर्ष जारी रहेगा।
इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने एक बार फिर SIR, मतदाता सूची की शुचिता और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र और निर्वाचन व्यवस्था के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।